दुनिया की नजर कोरोना की प्रभावी वैक्सीन पर अभी भी टिकी हुुुुई है । भारत सहित पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का संक्रमण खत्म करने के लिए वैक्सीन लगवाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। कोरोना Vacination को लेकर भारत सरकार लगातार लोगों को प्रोत्साहित भी कर रही है, पर कई राज्यों में घटती Vaccine dose ने भारत के Vaccine निर्माता को चिंता में डाल दिया है।
वहीं दूसरी तरफ बाकी देशों की तुलना में कोरोना वायरस का भारत में असर एकदम अलग दिख रहा है, लेकिन इस बहुरूपिया वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी भारतीयों को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रख पा रही है। इसीलिए लोगों को दोबारा से संक्रमण होने की शिकायतें ज्यादा आ रही है।
आईसीएमआर के मुताबिक देश में अब तक 4.5 फीसदी (पांच लाख) से अधिक लोगों को एक से अधिक बार संक्रमण हो चुका है, जबकि विश्व स्तर पर दोबारा से संक्रमण होने की यह दर करीब एक फीसदी है।
संक्रमित मरीजों में विकसित होने वाली एंटीबॉडी को लेकर पहली बार वैज्ञानिकों के हाथ कामयाबी मिली है। इनके अनुसार चार में से एक व्यक्ति में 150 दिन भी एंटीबॉडी टिक नहीं सकीं। संक्रमित होने के 60 दिन बाद इन लोगों के शरीर में प्लाज्मा भी धीरे धीरे बेअसर होने लगा। वैज्ञानिकों का यहां तक मानना है कि भारत में कोरोना वायरस को लेकर स्थिति सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक गंभीर है।
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