
इन्दौर। रबी सीजन में बिजली की सर्वाधिक खपत का आंकड़ा पहुंचता है। इस समय किसानों को सिंचाई के लिए मोटर पंप चलाना होते हैं। किसान अक्सर बिजली के लो वोल्टेज और ओवरलोड से परेशान रहते हैं। कंपनी की ओर से पहल की गई है कि इस बार किसानों को किराए पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाएंगे। जहां पर ओवरलोड की समस्या होगी, किसान कंपनी को तय राशि चुका कर ट्रांसफार्मर ले सकेंगे।
इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलो में बिजली की आपूर्ति इंदौर कंपनी द्वारा की जाती है। अक्टूबर का पहला सप्ताह खत्म होने वाला है और किसान गेहूं, चने, आलू, मटर, मिर्ची आदि की फसल की तैयारी में जुट चुके हैं। 40 फ़ीसदी किसान सोयाबीन की फसल निकाल चुके हैं और शेष किसान 1 सप्ताह में खरीफ की फसल से निवृत्त हो जाएंगे। कुल मिलाकर अब रबी सीजन के लिए सिंचाई जहां फसल कट चुकी है, वहां शुरू हो चुकी है। वर्तमान में कंपनी क्षेत्र में बिजली की खपत 3600 मेगावाट को पार कर रही है, जो आने वाले 15 से 20 दिनों में 5000 मेगावाट के करीब पहुंचेगी।
इस समय किसानों को लो वोल्टेज और ओवरलोड दोनों तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में दूरदराज खेतों पर बिजली की सप्लाई में दिक्कत आने से सिंचाई पंप जमीन से पानी फेंकने में कमजोर होते हैं, जिसका कारण बिजली की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिलना है। कंपनी अब लो वोल्टेज से परेशान किसानों को किराए पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराएगी। तकरीबन 2300 रुपए प्रति महीना किराया शुल्क पर किसानों को ट्रांसफार्मर जिला मुख्यालय पर उपलब्ध रहेंगे।
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