
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) में पुलिस (Police) ने नकली साधुओं (Fake Saints) के गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह के सदस्य नागा साधु के भेष में हाईवे पर गाड़ियों को रोककर सोना-चांदी और कैश की लूट करते थे. इस गिरोह ने उज्जैन ही नहीं, बल्कि घटिया, देवास और शाजापुर में भी ऐसी कई वारदातों को अंजाम दिया था. उज्जैन की नरवर थाना पुलिस ने इस गिरोह के 7 सदस्यों को उज्जैन में हुई लूट की घटना के महज 30 मिनट में ही गिरफ्तार कर लिया.
उज्जैन के कालियादेह क्षेत्र में रहने वाले मंसूर, पिता बहादुर अली पटेल, अपनी पत्नी हिना बी और दो बच्चों के साथ इंदौर जा रहे थे, तभी उन्हें नीमनवासा मोड पर नागा साधु के भेष में कुछ लोग दिखाई दिए. इन लोगों ने शरीर पर भभूत लगा रखी थी और गले में फूलों की माला पहने हुए थे. साधु का भेष धरने वाले इन लोगों ने मंसूर की कार को रोका और पैसों के लिए उसे धमकाने लगे. इन लोगों ने रुपये और जेवरात न देने पर मंसूर को भस्म करने की धमकी भी दी.
जिससे डरकर मंसूर ने एक लाख रुपए की कीमत दो सोने की अंगूठियां और 50 हजार रुपए दे दिए. मंसूर ने जब इस घटना की जानकारी उज्जैन पुलिस को दी तो पुलिस तुरंत मुस्तैद हुई. नरवर थाना पुलिस ने पालखन्दा के पास चेकिंग पॉइंट पर एक संदिग्ध अर्टिगा कार को रोका, जिसमें दिल्ली और हरियाणा में रहने वाले यह सभी बदमाश साधु के भेष में ही पकड़ लिए गए. जिनके पास से लुटे गए आभूषण और नगदी जब्त कर ली गई है.
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान राकेश कुमार (45), मगन नाथ (19), रुमाल नाथ (60), राजेश नाथ (41), बिरजू नाथ (45) के तौर पर हुई है. यह पांचों आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं. इसके अलावा, दो आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान अली नाथ (20) और अरुण नाथ (25) के तौर पर पर हुई है. जांच में आरोपी बिरजू नाथ और अली नाथ की आपराधिक कुंडली सामने आई है.
इनके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में पहले ही मुकदा दर्ज है. हाईवे पर लूटपाट करने वाले इस इंटर स्टेट गिरोह के सदस्यों की देवास और शाजापुर पुलिस को भी काफी समय से तलाश थी.हाईवे और अन्य रास्तों पर नाकाबंदी कर इस गिरोह की तलाश की जा रही थी, लेकिन नरवर थाना पुलिस को इस मामले में सफलता मिली और उन्होंने गिरोह के सभी 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया.
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