
इंदौर, विकाससिंह राठौर। मध्यप्रदेश में नई आबकारी नीति के तहत बढ़ाई गई शराब दुकानों की कीमतों के कारण करीब 1500 दुकानों को अब तक खरीदार नहीं मिले हैं। इनमें इंदौर की 38 दुकानें भी शामिल हैं, जो पांच चरण की नीलामी प्रक्रिया के बाद भी नहीं बिक पाई हैं। इसे देखते हुए शासन ने इन दुकानों की कीमत 4 प्रतिशत कम करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के बाद कल छठे चरण की नीलामी होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि कीमत कम होने के बाद इन दुकानों को खरीदार मिल जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा तैयार की गई नई आबकारी नीति 2026-27 में प्रदेश की सभी शराब दुकानों की कीमत को 20त्न बढ़ाया गया है। कीमत में आए इस उछाल के बाद ज्यादा बिक्री वाली दुकानें तो बिक गई हैं, लेकिन अब भी करीब 1500 ऐसी दुकानें हैं, जिन्हें कोई खरीदार नहीं मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 3553 शराब दुकानें हैं और जो दुकानें नहीं बिक पाई हैं उनका प्रतिशत 42 से ज्यादा है। इसे देखते हुए शासन ने कीमतों को कम करने का निर्णय लिया है। लेकिन इसे साफतौर पर घोषित करने के बजाय पहली बार टेंडर में तय कीमत से 4त्न कम कीमत कोट करने की छूट दी गई है। यानी अगर किसी दुकान की कीमत 1 करोड़ तय है तो इच्छुक ठेकेदार 96 लाख की बोली भी लगा सकते हैं, जबकि पहले तय कीमत से कम बोली लगाने का विकल्प सिस्टम में नहीं था। जब टेंडर खोले जाएंगे तो इस बोली के आधार पर आए सबसे बड़े ऑफर को दुकान आवंटित की जाएगी।
20 हजार करोड़ का लक्ष्य, अब तक 11 हजार करोड़ ही मिले
नई नीति के तहत कीमत बढ़ाए जाने के बाद मध्यप्रदेश की कुल 3553 दुकानों के लिए शासन ने 20 हजार करोड़ का राजस्व लक्ष्य रखा है। इनमें से अब तक करीब 2050 दुकानें नीलाम हो चुकी हैं, जिनसे अब तक करीब 11 हजार करोड़ का राजस्व मिल चुका है। वहीं शेष 1500 दुकानों से करीब 947 करोड़ का राजस्व मिलना बाकी है। सरकार को 31 मार्च तक सभी दुकानें नीलाम करना हैं, क्योंकि 1 अप्रैल से नए ठेके लागू होंगे। ऐसे में अगर 4 प्रतिशत कीमत कम किए जाने के बाद भी सभी दुकानें नीलाम नहीं हुईं तो शासन कीमत को और भी कम कर सकता है।
इंदौर पिछले साल से आगे निकला
सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी ने बताया कि इंदौर की कुल 173 दुकानों के लिए 2102 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य मिला था। इनमें से अब तक 135 दुकानें 1821 करोड़ में बिकी हैं, जिनकी मूल कीमत 1657 करोड़ थी, यानी तय कीमत से 164 करोड़ ज्यादा में ये दुकानें नीलाम हुई हैं। अब बची 38 दुकानों के लिए तय कीमत 445 करोड़ है। कल छठे चरण में इन दुकानों के भी बिकने की भी पूरी उम्मीद है। इंदौर में पिछले साल सभी 173 दुकानें 1753 करोड़ में नीलाम हुई थीं। इस तरह अब तक 38 दुकानें बाकी होने के बाद भी इंदौर पिछले साल की अपेक्षा 68 करोड़ आगे निकल चुका है और बची हुई दुकानें नीलाम होने के साथ ही इंदौर अपने लक्ष्य से भी आगे निकलेगा।
पांचवें चरण में 2 दुकानें 5.28 करोड़ में बिकीं
आबकारी विभाग के डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में हुई पांचवें चरण की नीलामी में इंदौर की चंबल समूह की दो दुकानें 5.28 करोड़ में बिकी हैं। पिछले साल यह 4.39 करोड़ में बिकी थीं। उन्होंने बताया कि छठे चरण की नीलामी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कल इन टेंडरों को खोला जाएगा। इसमें 4त्न तक कम कीमत ऑफर करने का विकल्प भी पहली बार शामिल किया गया है।
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