
नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगता दिख रहा है. ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) के साथ अगले दौर की वार्ता (Dialogue) की संभावना को फिलहाल सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर सईद खतीबजादा ने साफ किया है कि जब तक बातचीत का एक ठोस फ्रेमवर्क यानी वैचारिक ढांचा तैयार नहीं हो जाता, तब तक बातचीत के लिए किसी भी नई तारीख पर मुहर नहीं लगाई जाएगी.
इस्लामाबाद वार्ता रही बेनतीजा
अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 11-12 अप्रैल को हुई 21 घंटे की मैराथन बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हुई थी. इस्लाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हाई लेवल बैठक हुई थी. हालांकि, इस बैठक में शांति का कोई नतीजा नहीं निकल सका. जहां एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रॉयटर्स से बातचीत में इस सप्ताह फिर से सीधी बातचीत होने की संभावना जताई थी, वहीं ईरान के रुख ने इन उम्मीदों पर अब विराम लगा दिया है.
हमें अपवाद न समझे अमेरिका-ईरान
तुर्की के अंताल्या में आयोजित एक डिप्लोमेसी फोरम के दौरान खतीबजादा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम ऐसी किसी भी बातचीत में शामिल नहीं होना चाहते हैं, जो पहले से ही नाकाम होने के लिए हो या जो तनाव बढ़ाने का बहाना बने.
ईरानी उप विदेश मंत्री ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई थी, लेकिन अमेरिका के मैक्सिमलिस्ट यानी ज्यादा मांग के कारण सहमति नहीं बन पाई. ईरानी उप विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए एक अपवाद बना रहे, खासकर परमाणु कार्यक्रम के मामले में. उन्होंने कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे से बाहर जाकर किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं करेगा.
फिर से बंद हुआ होर्मुज स्ट्रेट
बातचीत के बीच एक और बड़ा मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का है. इजरायल और लेबनान के बीच हुए 10 दिन के सीजफायर के बाद ईरान ने जहाजों के लिए रास्ता खोला था. लेकिन खतीबजादा ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने इसमें दखलअंदाजी किया और कहा कि यह रास्ता ईरानियों के लिए बंद रहेगा.
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका संघर्षविराम की शर्तों का पालन नहीं करता है और अपनी बातों से मुकर जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
अमेरिका ने तोड़ा अपना वादा
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करते हुए इस समुद्री रास्ते पर फिर से कड़ा पहरा लागू कर दिया. ईरान के मिलिट्री कमांड ने एक बयान में कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर अपनी नेवल नाकाबंदी जारी रखी है. ईरान के अनुसार जब तक अमेरिका ईरान आने-जाने वाले सभी जहाजों के आने-जाने की आजादी बहाल नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में रहेगी.
पाकिस्तान में फिर होने वाली थी बातचीत
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का नया दौर सोमवार को शुरू होने वाला था. एक ईरानी अधिकारी ने CNN से इस बात की पुष्टि किया था कि यह बातचीत भी पिछली बार की तरह पाकिस्तान में होगी. उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल रविवार को पाकिस्तान की राजधानी पहुंचने की उम्मीद है. लेकिन अब ईरानी उप विदेश मंत्री ने बातचीत से इंकार कर दिया है.
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