
इंदौर। तीन साल पहले इंदौर में एक साथ राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजन हुए थे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के साथ प्रवासी भारतीय सम्मेलन और उसके बाद जी-20 की बैठकों का सिलसिला रहा तो अब तीन साल एक बार फिर इंदौर को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। ब्रिस्क देशों के कृषि मत्रियों के साथ विशेषज्ञों का जमावड़ा जून में रहेगा। कल सम्मेलन की तैयारियों को लेकर पहली महत्वपूर्ण बैठक पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्री ने होटल शेरेटन बायपास पर ली। उसके बाद प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस आयोजन की जानकारी मीडिया को भी दी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में लिए गए फैसलों की सराहना की, जिसमें मुख्य रूप से भू-अर्जन के बदले चार गुना तक मुआवजा देने व समर्थन मूल्य पर 100 मीट्रिक टन तक गेहूं की खरीदी जैसे फैसले शामिल हैं।
यह पहला मौका था, जब एक साथ पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्री मौजूद रहे। ब्रिस्क शिखर सम्मेलन 2026 के आयोजन का जिम्मा इस बार भारत सरकार को मिला है। उसी में कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर के ग्रैंड शेरेटन होटल में आयोजित किया जाएगा। पांच दिवसीय इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में 21 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और नीति-निर्धारक शामिल रहेंगे। सम्मेलन की तैयारियों के लिए पहली बैठक कल मुख्यमंत्री डॉ. यादव व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ली।
मुख्यमंत्री के मुताबिक देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में इस सम्मेलन का आयोजन पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें शहर की स्वच्छता, हरियाली, सुंदरता को उत्कृष्ट तरीके से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रदर्शित किया जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन, नगर निगम, पर्यटन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य सहित सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश भी दिए। साथ ही प्रमुुख मार्गों, आयोजन स्थल के साथ सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई, आकर्षक सजावट, प्रकाश व्यवस्था के साथ लोककला, पारम्परिक खान-पान और कृषि नवाचारों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। एयरपोर्ट और होटलों पर विदेशी भाषाओं के जानकार गाइड तैनात किए जाएंगे और मालवी परम्परा के मुतबिक मेहमानों का स्वागत होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान के मुताबिक सम्मेलन में भारत के साथ ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा, मिस्र, इथोपिया, ईरान, सऊदी अरब, मलेशिया, नाईजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलंबिया, इंडोनेशिया सहित 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। सम्मेलन दो चरणों में होगा। पहला चरण 9 से 11 जून तक रहेगा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की तीन दिनी बैठकें होंगी। 12-13 जून को सभी 21 देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक होगी।
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