
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के हालिया चीन (China) दौरे के बाद रूस (Russia) और चीन के रिश्ते एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गए हैं। रूस ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) जल्द ही चीन की यात्रा पर जा सकते हैं और इस दौरे की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गुरुवार को बताया कि पुतिन की प्रस्तावित चीन यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत पूरी हो चुकी है। हालांकि उन्होंने यात्रा की तारीख का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह साफ किया कि दौरा ज्यादा दूर नहीं है।
बीते कुछ वर्षों में रूस और चीन के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अब तक 40 से अधिक बार मुलाकात कर चुके हैं। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात सितंबर 2025 में बीजिंग में हुई थी।
यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी 2022 में रूस और चीन ने “नो लिमिट्स स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य सहयोग तेजी से बढ़ा है।
ट्रंप के हालिया चीन दौरे के दौरान भी शी जिनपिंग ने पुतिन का जिक्र कर कूटनीतिक संकेत दिए। बीजिंग के बेहद संवेदनशील और प्रतिष्ठित झोंगनानहाई परिसर के विशेष गार्डन का दौरा कराते समय शी ने ट्रंप से कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन यहां कई बार आ चुके हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, इसे अमेरिका के लिए चीन का एक रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। झोंगनानहाई परिसर चीन की सत्ता का अहम केंद्र माना जाता है, जहां विदेशी नेताओं को बहुत कम अवसरों पर ले जाया जाता है।
ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात में व्यापार, दोस्ती और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन इसी दौरान चीन ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि रूस अब भी उसका सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार बना हुआ है।
अब दुनिया की नजरें पुतिन की संभावित चीन यात्रा पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-चीन संबंध, ऊर्जा कारोबार और वैश्विक शक्ति संतुलन जैसे अहम मुद्दों पर नई रणनीति तैयार हो सकती है।
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