नई दिल्ली। अफ्रीकी देशों (African countries) में इबोला वायरस (Ebola Virus) के बढ़ते मामलों के बीच भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। (Ministry of Health and Family Welfare) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को देखते हुए देशभर में निगरानी और तैयारी के उपाय तेज कर दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
अधिकारियों ने की हालात की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों सहित केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की है और एहतियाती जन स्वास्थ्य उपाय शुरू किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन से होने वाले इबोला का कोई मामला भारत में सामने नहीं आया है और देश के लिए वर्तमान जोखिम न्यूनतम है।
क्या अपनाए जा रहे उपाय
अधिकारी ने बताया कि हालांकि, एहतियात के तौर पर, प्रवेश स्थानों पर और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर निगरानी और तैयारी के उपायों को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की शीघ्र पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। सूत्रों के अनुसार, प्रमुख उपायों में जांच, निगरानी, और रोग प्रबंधन से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की समीक्षा करना शामिल है, साथ ही प्रयोगशालाओं की तैयारी को भी मजबूत किया जा रहा है।
घबराहट न फैलाने की अपील
मंत्रालय ने लोगों और मीडिया से आग्रह किया है कि वे घबराहट न फैलाएं और अपुष्ट जानकारी प्रसारित न करें। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली सतर्क है और किसी भी उभरती स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। नागरिकों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी आधिकारिक परामर्श का पालन करने की सलाह दी गई है। सूत्र ने बताया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखेगी और जन स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी।
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