
इन्दौर। पानी की खराब होती स्थिति को सुधारने के लिए निगमायुक्त के साथ अब कलेक्टर ने भी मैदान संभाल लिया है। आज कलेक्टर शिवम वर्मा निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के साथ मूसाखेड़ी स्थित कार्यालय पर पहुंचे और पानी की व्यवस्था का कम्प्यूटर पर जायजा लिया। इसके साथ ही अब सभी अपर आयुक्त को मैदान में उतार दिया गया है।
निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि नगर निगम द्वारा सभी अपर आयुक्त को अलग-अलग जोनल कार्यालय की जिम्मेदारी दे दी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत सभी अपर आयुक्त से कहा गया है कि उन्हें जो जोनल कार्यालय दिया गया है, उसके क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर पानी के संकट की स्थिति को देखे, समझें और उसका समाधान करें। इसके साथ ही उनके क्षेत्र में आने वाली पानी की टंकी में कितना पानी भरा रहा है और उसे पानी का सही तरीके से समुचित वितरण हो सके, यह सुनिश्चित भी करना होगा। सिंघल ने बताया कि टैंकर में जल्दी पानी भर सके, इसके लिए नगर निगम द्वारा नए हाइड्रेंट के निर्माण की दिशा में भी तेज गति से काम शुरू कर दिया गया है।
कई स्थानों पर नए बोरिंग करवाए जा रहे हैं और उन पर हाइड्रेंट बनाने का काम किया जा रहा है। पार्षदों की ओर से अभी यह शिकायत प्राप्त हो रही थी कि बहुत सारे हाइड्रेंट बंद हो जाने के कारण उनके एक टैंकर दिनभर में दो या तीन राउंड से ज्यादा पानी बांटने का काम नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए निगम इस समय अपना पूरा ध्यान नए हाइड्रेंट बनाने पर लगा रहा है। निजी क्षेत्र के टैंकरों द्वारा जो पानी का विक्रय किया जा रहा है, उसे देखते हुए बैठक में यह प्रस्ताव भी आया था कि इन टैंकरों द्वारा जिन स्थानों से पानी भरा जाता है, उन स्थानों को अधिग्रहित कर लिया जाए। इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं हो सका है। नगर निगम द्वारा कहीं पर भी निजी क्षेत्र के हाइड्रेंट या बोरिंग को अधिग्रहित करने का काम नहीं किया गया है।
पुराने कर्मचारियों को बुलवाया जाएगा
शहर में करीब 450 स्थानों पर नर्मदा पेयजल योजना का पानी सप्लाई करने या पानी को बंद करने के लिए वाल्व बने हुए हैं। इन वाल्वों को चालू और बंद करने का काम निगम के कर्मचारियों द्वारा किया जाता है। कई बार वाल्व गलत तरीके से चालू कर देने या बंद कर देने के कारण क्षेत्र में पानी की समस्या पैदा हो जाती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए विधायकों के सुझाव पर यह फैसला लिया गया था कि पुराने अनुभवी कर्मचारियों को वापस काम पर बुलवाकर उनकी सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए नगर निगम द्वारा पुराने कर्मचारियों की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। अब जल्द ही इस तरह के कार्य में उपयोगी कर्मचारियों को वापस काम पर बुलाया जाएगा।
बोरिंग खराबी की हर दिन 550 शिकायत
नगर निगम के पास इस समय हर दिन बोरिंग खराब हो जाने की करीब 550 शिकायत आ रही है। इसमें कहीं पर बोरिंग पर लगी पानी की मोटर जल गई है तो कहीं पर बोरिंग का पानी नीचे उतर गया है, इसके कारण बोरिंग बंद हो गया है। जिन स्थानों पर पानी नीचे उतर गया है, वहां तो नगर निगम अब अभी कुछ नहीं कर सकता है, लेकिन जिन स्थानों पर मोटर जल जाने के कारण बोरिंग से पानी मिलना बंद हो गया है, उन स्थानों की मोटर को सुधरवाने पर जोर दिया जा रहा है।
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