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इंदौर: 23 हजार टॉवरों की ड्रोन से तो 100 से ज्यादा सबस्टेशनों की कैमरों से निगरानी

June 22, 2026

बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नई लाइनें भी बिछेंगी

इंदौर। बिजली (Electricity) की लगातार बढ़ती मांग के चलते प्रदेश की पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी (Power Transmission Company) ने विस्तार योजना तैयार की है, जिस पर साढ़े 7 हजार करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी और 4 हजार 869 सर्किट किलोमीटर में अतिरिक्त एक्स्ट्रा हाईवॉल्टेज लाइनें बिछाई जाएगी, जिससे ट्रांसफार्मेशन क्षमता भी बढ़ेगी। 15 हजार किलोमीटर का फाइबर नेटवर्क भी विकसित किया गया है और बिजली उत्पादन इकाइयों की क्षमता और संचालन के लिए नई तकनीकी निगरानी व्यवस्था के तहत हर यूनिट के लिए मॉनिटरिंग टीम भी रहेगी। 23 हजार से अधिक टॉवरों की ड्रोन से निगरानी करने के साथ 100 से अधिक सब स्टेशनों (100 substations) को सीसीटीव कैमरों (CCTV cameras) के दायरे में लिया गया है।


  • अभी कम्पनी ने 400 और 220 केवी सब स्टेशनों में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करवाए हैं, तो उसके साथ ट्रांसमिशन लाइनों पर निगाह रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। आने वाले दिनों में ड्रोन पेट्रोलिंग का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी सब स्टेशनों पर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही महत्वपूर्ण और महंगी सामग्री की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम भी अपनाया जा रहा है। इसका इस्तेमाल फॉल्ट या अन्य आपातकालीन घटनाक्रम पर निगरानी विश्लेषण में किया जाएगा। साथ ही पूरे ग्रीड कंट्रोल सिस्टम को भी आधुनिक तकनीक और साइबर सुरक्षा मानकों के मुताबिक अपग्रेड भी किया जा रहा है। इससे बिजली ग्रीड की रियल टाइम मॉनिटरिंग, फॉल्ट कंट्रोल और डेटा प्रबंधन के कार्यों में अधिक गति आने और उसके साथ ही सुरक्षित रहने के दावे भी किए जा रहे हैं। कम्पनी ने पहली बार तीन साल पहले साढ़े 3 हजार किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन और 10 हजार टॉवरों का ड्रोन के जरिए सफल निरीक्षण भी किया और इसके बेहतर परिणाम मिलने पर अब लगभग सभी टॉवरों की निगरानी ड्रोन के माध्मय से की जा रही है। इंदौर सहित प्रदेशभर में जो 4867 सर्किट किलोमीटर की नई लाइनें बिछाई जा रही है उसमें नए सब स्टेशन ट्रांसफार्मरों के साथ इनकी क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, जिससे बिजली की बढ़ती मांग, नए बिजली उत्पादन संयंत्रों के साथ-साथ सौर ऊर्जा प्रोजेक्टों और राष्ट्रीय ग्रीड से बेहतर कनेक्टीविटी को भी ध्यान में रखा गया है। 14वीं ट्रांसमिशन योजना पूरी होने की अवधि 2028-29 तक तय की गई है, जिसमें नई ट्रांसमिशन लाइनें 4867 सर्किट किलोमीटर और नई ट्रांसमिशन क्षमता 9608 एमवीए तक पहुंचेगी और ओपीजीडब्ल्यू नेटवर्क 15 हजार किलोमीटर का रहेगा, तो व्यवसायिक लीज पर दिया गया नेटवर्क 9250 फाइबर पेयर किलोमीटर वर्तमान में है। कम्पनी ने 5 वर्षीय जो योजना तैयार की है उसे एमपीईआरसी से भी मंजूरी मिल चुकी है।

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