
- हाईकोर्ट के निर्देश पर जुनेजा, ओबेरॉय, सिंघल, चुघ सहित अन्य के अवैध निर्माण कलेक्टर ने एक साथ आदेश जारी कर करवाए ध्वस्त,१२ मीटर की सर्विस रोड और नाले की रिटर्निंग वॉल का हो सकेगा निर्माण
इंदौर। बीते कई वर्षों से प्राधिकरण की अवॉर्ड पारित देवास नाका स्थित बेशकीमती जमीन पर रसूखदारों ने ना सिर्फ अवैध कब्जे कर रखे थे, बल्कि दुकानों-गोदामों सहित कई निर्माण भी कर लिए। अभी सेतु बंधन योजना के तहत देवास नाका चौराहा पर एमपीआरडीसी द्वारा फ्लायओवर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें देवास नाका से मांगलिया की ओर दोनों तरफ अवैध दुकानों को कल प्रशासन ने निगम और पुलिस बल की सहायता से बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त किया। 35 से अधिक दुकानें तोड़ी गर्इं। हाईकोर्ट में इन दुकानदारों ने याचिकाएं दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने 27 जनवरी को आदेश पारित करते हुए कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे इस मामले की सुनवाई कर आदेश पारित करे।
हाईकोर्ट आदेश के मुताबिक कलेक्टर ने इन सभी आवेदकों की विधिवत सुनवाई की और फिर एक साथ 25 मई को आदेश जारी किए, जिसमें 10 दिन का समय अपने अवैध निर्माण हटाने और जमीन खाली करने के दिए। मगर रसूखदारों ने इस आदेश के बावजूद अपने अवैध निर्माण नहीं हटाए। अब कल कलेक्टर शिवम वर्मा ने एसडीएम घनश्याम धनगर को मौके पर भेजकर निर्माणाधीन फ्लायओवर की सर्विस रोड और नाले की रिटेनिंग वॉल में बाधक 30 से अधिक अवैध दुकानों को ध्वस्त करवाया। मौके पर जब कुछ दुकानदारों ने विरोध किया तो एसडीएम धनगर ने हाईकोर्ट निर्देश और कलेक्टर द्वारा पारित लिखित आदेशों की जानकारी दी।
प्राधिकरण उक्त जमीन राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक इंदौर विकास प्राधिकरण की अवॉर्ड पारित जमीन है, जिसका सर्वे नम्बर 84/3, 84/4, 84/5, 84/6 सहित अन्य है। इस जमीन पर राजविंदर कौर, कपिल ननवानी, नितिन श्यामलाल चुघ से लेकर जर्नेल सिंह, अनिल ओमप्रकाश, संतोष रानी जुनेजा, विजय शर्मा, गुरदीपसिंह ओबेरॉय, परवीन मोहम्मद ईराज खान, दिलीप पूरनलाल, हेमंत सिंघल, सतविंदर कौर, हंसराज शर्मा, गुरजीतसिंह मंगत इत्यादि के अवैध निर्माण को लेकर कलेक्टर ने इन सभी के विरुद्ध पृथक-पृथक आदेश जारी किए, जिसमें मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम के साथ-साथ इंदौर विकास प्राधिकरण अनावेदक के रूप में रहा। दरअसल, एमपीआरडीसी द्वारा सेतु बंधन योजना के तहत शहर के चार प्रमुख चौराहों पर फ्लायओवर निर्मित किए जा रहे हैं, जिसके लिए लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि केन्द्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय ने दी है, जिसमें एबी रोड पर सत्यसांई के साथ देवास नाका पर फ्लायओवर बनाया जा रहा है,
जो कि लेटलतीफी का शिकार है और इसकी सर्विस रोड भी नहीं बन पा रही थी, क्योंकि सालों से काबिज दुकानें बाधक रही। अब इन दुकानों को ध्वस्त करवाने के बाद सर्विस रोड, नाली और रिटर्निंग वॉल निर्माण के लिए मौके पर खाली जमीन उपलब्ध हो जाएगी। कलेक्टर द्वारा जारी किए गए एक समान आदेशों में स्पष्ट कहा गया कि ग्राम नीरंजनपुर स्थित जमीन इंदौर विकास प्राधिकरण के स्वामित्व की है। इंदौर के मास्टर प्लान में एबी रोड के इस हिस्से की चौड़ाई भी 60 मीटर यानी लगभग 200 फीट है और तहसीलदार जूनी इंदौर द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में भी उक्त जमीन प्राधिकरण के स्वामित्व की है, जिसके चलते आवेदकों द्वारा दिया गया कथन कि जमीन उनकी है, मान्य नहीं किया जा सकता है।