
इंदौर के विकास को आधार बनाकर काम किया… कई काम करना अभी भी बाकी…
इंदौर. महापौर (Mayor) पुष्यमित्र भार्गव (Pushyamitra Bhargava) ने अपने चार साल (four-year tenure.) की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मैंने विकसित इंदौर बनाने का आधार तैयार किया है। इसके तहत नर्मदा पेयजल का चौथा चरण, मास्टर प्लान की 23 सड़कों का निर्माण, संजीवनी क्लिनिक से गरीबों का इलाज, अमृत 2.0 से ड्रेनेज की समस्या का समाधान और सौर ऊर्जा जैसे स्थापित काम किए।
अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करने के मौके पर अग्निबाण से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस अवधि में विकास के सामान्य कार्यों को करने के साथ बड़े कामों को हाथ में लेने में हमने ज्यादा रुचि दिखाई। ग्रीन बांड के माध्यम से पैसा एकत्रित कर जलूद में सोलर प्लांट की स्थापना की गई। इस प्लांट से 60 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। गीले कचरे से गैस बनाने के प्रोजेक्ट का विस्तार किया गया। इंदौर में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नर्मदा पेयजल योजना के चौथे चरण का काम शुरू किया गया है। बायपास तक के क्षेत्र में जहां अभी पानी की लाइन नहीं है, वहां भी अब नर्मदा का पानी पहुंच सकेगा। नगर निगम की सीमा में शामिल किए गए सभी गांवों तक भी नर्मदा के पानी का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही शहर में घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए 40 नई टंकियों के निर्माण की योजना को भी न केवल मंजूरी दी गई है, बल्कि उनका काम भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान की 23 सड़कें ऐसी थीं, जिनका निर्माण नहीं हो सका था। इन सड़कों का निर्माण करने के लिए नगर निगम ने पहल की और आज इनमें से 18 सड़कों का निर्माण शुरू हो गया है। इसके साथ ही धार रोड पर फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण और धार रोड को एरोड्रम रोड से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण की योजना को भी हमने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि शहर में संजीवनी क्लिनिक की योजना को धरातल पर उतारने में हमें सफलता मिली है। आज यह क्लिनिक गरीबों के इलाज के लिए वरदान बन गए हैं। इन क्लिनिक की स्थापना के साथ ही शहर के हर वार्ड में योग शेड बनाकर लोगों को योग कर निरोगी रहने की राह को सुगम किया गया। हर वार्ड में योग प्रशिक्षक की नियुक्ति की गई। गली-मोहल्ले और कॉलोनी में स्थित बगीचों में ओपन जिम लगाकर लोगों को एक्सरसाइज करने की फ्री सुविधा उपलब्ध करवाई गई। भार्गव ने कहा कि अमृत 2.0 के तहत पूरे शहर में ड्रेनेज के नेटवर्क को पर्याप्त विस्तार देने और पुरानी लाइनों को बदलने के काम को भी मंजूरी दे दी गई है। यह काम भी शुरू हो रहा है। इन सारे कामों के माध्यम से वर्ष 2047 का विकसित इंदौर तैयार होगा। हमने अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान इंदौर को विकसित इंदौर के रूप में तब्दील करने के कार्य को प्रमुखता से अंजाम दिया है। तकनीक को अपनाने की दिशा में पहल करते हुए नगर निगम के डिजिटलाइजेशन के काम को प्राथमिकता दी गई। शहर में 1.10 लाख एलईडी लाइट लगाकर बिजली की बचत का रास्ता खोला गया। नगर निगम को आत्मनिर्भर नगर निगम के रूप में तब्दील करने में हमने कहीं कोई कसर बाकी नहीं रखी। इंदौर की पहचान स्वच्छता को नए आयाम पर पहुंचाया। नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक सिस्टम का विकास किया।
यह कहना गलत है कि अधिकारियों से मेरी नहीं बनी
भार्गव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि बार-बार यह दुष्प्रचार किया जाता है कि नगर निगम में आयुक्त के पद पर पदस्थ किए गए आईएएस अधिकारियों से मेरी पटरी नहीं बैठी। यह कहना बिलकुल गलत है कि इन अधिकारियों से मेरी नहीं बनी। मैं पढ़ा-लिखा महापौर हूं तो ऐसे में अधिकारियों की हर बात पर हां में हां नहीं कर सकता हूं। जब मैंने जनता की अपेक्षा के अनुसार काम करने के लिए अधिकारियों को कहा तो उन्हें यह अच्छा नहीं लगा। वैसे भी महापौर की यह जिम्मेदारी नहीं है कि वह अधिकारियों को खुश करे।
ठेकेदारों को 400 करोड़ चुकाए
उन्होंने कहा कि मैंने अपने चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2014 से लेकर 2022 तक की अवधि के ठेकेदारों के बकाया 400 करोड़ रुपए का उन्हें भुगतान किया है। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा मेरे कार्यकाल के पहले जो कर्ज लिए गए थे, उन कर्ज की किस्तों का बराबर समय पर भुगतान किया गया। इस समय 650 करोड़ रुपए चुकाना बाकी हैं। नागरिकों को नगर निगम को दिए जाने वाले टैक्स को चुकाने के लिए जागरूक किया गया।
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