
इन्दौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि अब इंदौर नगर निगम द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में एक नया प्रयोग किया जाएगा। इसके तहत शहर में जीरो वेस्ट सड़क का निर्माण किया जाएगा। अपने कार्यकाल के दौरान हम स्ट्रीट डॉग की समस्या का समाधान नहीं कर सके। इसके साथ ही शहर में केबल कार का संचालन भी नहीं हो सका।
अपने 4 साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में गुरु बन चुके इंदौर शहर में नगर निगम द्वारा अब तक जीरो वेस्ट जोन और जीरो वेस्ट वार्ड का काम किया जा चुका है। अब हम आने वाले समय में जीरो वेस्ट सड़क बनाने पर जोर देंगे। भारतीय जनता पार्टी द्वारा इंदौर नगर निगम के चुनाव के समय जो घोषणा पत्र जारी किया गया था उसकी सभी घोषणाओं पर अमल किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि दो घोषणाएं ऐसी हैं, जिन पर हम अपने कार्यकाल में काम नहीं कर सके हैं। शहर की जनता को स्ट्रीट डॉग की समस्या से मुक्ति नहीं दिला सके हैं। इसके साथ ही हमारे द्वारा घोषणा पत्र में इंदौर में लोक परिवहन के रूप में केबल कार के संचालन का वादा किया गया था, वह भी पूरा नहीं हो सका है।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि नर्मदा का पानी तो आज भी उतना ही आ रहा है, जितना 2014 में आता था। शहर की आबादी और मकानों की संख्या बढ़ गई है। इस वर्ष गर्मी के मौसम में जो पेयजल संकट पैदा हुआ इसका कारण 1200 सरकारी और 4000 निजी बोरिंग सूख जाना रहा। नगर निगम द्वारा हर साल सड़क का पैचवर्क करने के कार्य पर 50 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाती है। इस साल हमने बारिश के मौसम के पहले सभी मुख्य मार्ग पर पैचवर्क का कार्य करवा दिया है। कॉलोनी की सड़क में जरूर समस्या है। इसके साथ ही जहां पर ब्रिज का निर्माण हो रहा है, वहां पर सर्विस रोड में दिक्कत है।
भागीरथपुरा से सबक सीखा
जब महापौर से उनके कार्यकाल के दौरान हुए भागीरथपुरा जल हादसे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ घटनाएं दर्द देने वाली रहती हैं। भागीरथपुरा की घटना भी एक ऐसी ही घटना है। इस घटना में 36 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से हमने सबक सीखा है। हमने यह जाना है कि इस तरह की घटना भी हो सकती है और उसे होने से किस तरह से रोका जा सकता है। अब शहर में पानी की व्यवस्था को वर्ष 2047 की आवश्यकता तक के लिए बेहतर बनाया जा रहा है। अमृत 2.0 योजना के तहत काम शुरू हो गया है। नर्मदा पेयजल योजना का चौथा चरण हम ला रहे हैं।
1 साल का लक्ष्य निर्धारित
उन्होंने अपने 4 साल के काम की जानकारी देने के साथ आने वाले 1 साल में किए जाने वाले काम की जानकारी भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि शहर में 40 नई पानी की टंकी बनाई जाना हैं। हम चाहते हैं कि इस 1 साल में यह काम शुरू हो जाए। शहर में जो मास्टर प्लान की 24 सड़क का निर्माण शुरू किया गया है वह कार्य तेज गति के साथ हो जाए। अभी शहर में 1.10 लाख एलईडी लाइट लगाई गई हंै। अब बची हुई 50000 और एलईडी लाइट लगा दी जाएं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved