
नई दिल्ली। नौकरी (Job) में आमतौर पर उम्मीदवार (Candidate) की योग्यता, अनुभव और इंटरव्यू प्रदर्शन को आधार बनाया जाता है, लेकिन बेंगलुरु (Bengaluru) की एक कंपनी के CEO के फैसले ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एवन स्पोर्ट्स वर्ल्ड (A1 Sports World) के फाउंडर और CEO कार्तिक एसजी ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देगी। CEO ने इस फैसले के पीछे कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी से जुड़ी घटना का हवाला दिया है।
एक्स पर पोस्ट कर बताया फैसला
कार्तिक एसजी ने 22 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कंपनी में काफी चर्चा और बहस के बाद यह निर्णय लिया गया है। पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को अब कंपनी में नियुक्त नहीं किया जाएगा।
CEO ने यह भी बताया कि कंपनी में राजस्थान की एक महिला कर्मचारी पहले से काम कर रही हैं और उन्होंने इस फैसले का समर्थन किया है। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भर्ती के इस तरीके और पूरे राज्य के पुरुष उम्मीदवारों को एक साथ बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
पूर्व कर्मचारी के व्यवहार का दिया हवाला
आलोचना के बीच कार्तिक ने एक अन्य पोस्ट में अपने फैसले की वजह विस्तार से बताई। उनके मुताबिक, करीब दो सप्ताह पहले कंपनी के एक कर्मचारी को नौकरी से निकाला गया था। CEO का कहना है कि वह कर्मचारी इन चार राज्यों में से किसी एक से था और महिला कर्मचारियों के साथ कथित बदतमीजी को लेकर उसे दो बार चेतावनी भी दी गई थी।
कार्तिक के अनुसार, चेतावनी के बावजूद कर्मचारी के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारी ने एक महिला सहकर्मी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश भी की थी। हालांकि, इस घटना को लेकर CEO की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
‘टीम की सुरक्षा मेरे लिए सबसे जरूरी’
कार्तिक ने कहा कि उनकी कंपनी में काफी कम उम्र के लोग काम करते हैं और ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, जिस कर्मचारी को नौकरी से निकाला गया, वह MBA ग्रेजुएट था। नौकरी देने से पहले उसका रिज्यूमे और बैकग्राउंड सामान्य और साफ दिखाई दे रहा था।
CEO का कहना है कि कर्मचारी के कंपनी में शामिल होने के करीब दो महीने बाद उसके व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आने लगीं। महिला कर्मचारियों के साथ कथित बदतमीजी के बाद उसे चेतावनी दी गई, लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। इसी के बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया।
कार्तिक ने कहा कि उनके लिए केवल बिजनेस चलाना प्राथमिकता नहीं है, बल्कि टीम और उनके साथ काम करने वाले युवा कर्मचारियों की सुरक्षा भी अहम है।
32 कर्मचारियों की कंपनी में 14 महिलाएं
CEO ने कंपनी की टीम से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उनके मुताबिक, एवन स्पोर्ट्स वर्ल्ड में कुल 32 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें 14 महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी में अलग-अलग राज्यों और पृष्ठभूमि के लोग काम करते हैं।
कार्तिक के अनुसार, कंपनी के 20 कर्मचारी दूसरे राज्यों से हैं। इनमें 12 कर्मचारी ऐसे हैं जो दक्षिण भारत के राज्यों से नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अलग-अलग धर्मों और पृष्ठभूमि के लोगों के साथ काम करती है।
फैसले पर सोशल मीडिया में दो तरह की राय
CEO के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों का तर्क है कि किसी एक कर्मचारी के कथित गलत व्यवहार की जिम्मेदारी उसी व्यक्ति की होनी चाहिए और उसके आधार पर किसी पूरे राज्य के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी से बाहर करना उचित नहीं माना जा सकता। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के व्यवहार को उसके राज्य से किस आधार पर जोड़ा जा सकता है।
वहीं, कुछ यूजर्स ने CEO की ओर से बताई गई घटना और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता का समर्थन किया। इस पूरे विवाद ने भर्ती में क्षेत्रीय आधार पर फैसले, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और किसी व्यक्ति के व्यवहार को उसकी क्षेत्रीय पहचान से जोड़ने जैसे मुद्दों पर बहस तेज कर दी है।
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