
इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर ऑटो चालकों की मनमानी और अव्यवस्था का एक और मामला सामने आया है। जयपुर से इंदौर पहुंचे एक यात्री ने अतिरिक्त पार्किंग शुल्क मांगने, राइड लेने से इनकार करने और कैंसिलेशन चार्ज लगाने के आरोप लगाए। यात्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के साथ एयरपोर्ट के शिकायत रजिस्टर में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
यात्री दीपकसिंह बिष्ट ने शिकायत रजिस्टर में लिखा कि वह 9 मई 2026 को जयपुर से फ्लाइट 6ई 7944 से इंदौर पहुंचे थे। रात करीब 9.30 बजे एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने उबर से ऑटो बुक किया, लेकिन बुकिंग के बाद चालक ने अतिरिक्त पार्किंग शुल्क की मांग की। शिकायत में उन्होंने लिखा कि ओला, उबर और रैपिडो के कई ऑटो चालक अतिरिक्त पार्किंग शुल्क मांग रहे हैं। एक उबर चालक ने कैंसिलेशन चार्ज भी लगा दिया और अंत में यात्रा करने से मना कर दिया। यात्री ने उबर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कंपनी एयरपोर्ट अथॉरिटी इंदौर के नियमों का पालन नहीं कर रही है।
पिन लेने के बाद यात्रा कैंसिल कर रहे ड्राइवर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यात्री ने आरोप लगाया कि उबर ऑटो चालक पिन नंबर लेने के बाद यात्रा से मना कर रहे हैं, राइड कैंसिल नहीं कर रहे और अतिरिक्त शुल्क मांग रहे हैं। यात्री ने लिखा कि 14 ऑटो कैंसिल हुए, जिसके बाद उन्हें टैक्सी पकड़ने के लिए करीब 1 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। यात्री ने एमपी टूरिज्म को भी टैग करते हुए पर्यटन व्यवस्था पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर कैब और ऑटो चालक ही पूरा सिस्टम चला रहे हैं तो इससे पर्यटन व्यवस्था कैसे बेहतर होगी। उन्होंने इसे पूरी तरह धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।
उबर इंडिया ने शुरू की जांच
मामले पर उबर इंडिया सपोर्ट ने जवाब देते हुए भुगतान संबंधी जानकारी और ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट मांगा। इस पर यात्री ने कहा कि मुद्दा पेमेंट का नहीं, बल्कि अतिरिक्त पार्किंग शुल्क मांगने का है और उन्होंने कोई भुगतान नहीं किया। यात्री ने यह भी सवाल उठाया कि ऑटो चालक ने खुद राइड कैंसिल क्यों नहीं की। इसके बाद उबर सपोर्ट ने कहा कि शिकायत की जांच की जा रही है और जल्द अपडेट दिया जाएगा।
मुंबई और जयपुर से सीखे इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन
एक अन्य पोस्ट में यात्री ने एयरपोर्ट व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर ऑटो की अव्यवस्था को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने टोकन सिस्टम नहीं होने और हाईरिस्क जोन में ऑटो-कैब की एंट्री पर भी सवाल उठाए। साथ ही लिखा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी अधिकारियों को मुंबई और जयपुर एयरपोर्ट की व्यवस्था देखकर सीख लेनी चाहिए। यात्री द्वारा सोशल मीडिया और शिकायत रजिस्टर में मामला उठाने के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved