
इंदौर। एरोड्रम क्षेत्र के वीआईपी रूट पर लगे लिटरबिन के ऊपर ही कचरे का बोरा कल रात कोई पटक गया। निगम अधिकारी वहां निरीक्षण पर निकले तो विशाल बोरा देख उनका माथा ठनका और बोरे में रखे कागजातों की पड़ताल के आधार पर अहमदाबाद की एक फर्म का नंबर मिला। वहां फोन लगाने के बाद स्थानीय स्टाफ का नंबर लिया गया और संबंधितों को बुलाकर बोरा बताया गया तो मामले की पोल खुली। इसके बाद संबंधितों पर निगम की टीम ने जुर्माना लगाया।
सड़क किनारे लगाए गए कई लिटरबिन में अकसर लोग कचरे के बड़े-बड़े बोरे पटक जाते हैं, जिसके कारण दिक्कतें तो आती ही हैं, लिटरबिन भी टूट जाते हैं। कल वार्ड 7 के वीआईपी रूट पर निगम अधिकारी निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान वहां एक लिटरबिन में बड़ा सा बोरा पड़ा था, जिसमें कागज और ऑफिस का कचरा था। निगम की टीमों की मदद से बोरे में एविडेंस ढूंढे गए, जिस पर गणेश इंटरप्राइजेस का पता निकला और यह फर्म स्कूल-कॉलेजों के ट्राफी और पैम्प्लेट छापने का काम करती है। मोबाइल नंबर के आधार पर फोन लगाया गया तो पता चला कि अहमदाबाद के किसी शख्स की यह फर्म है। अधिकारियों ने फोन लगाकर कहा कि हमें कुछ पर्चे छपवाने हैं और स्थानीय स्टाफ का नंबर लिया। इसके बाद स्टाफ के प्रमुख हिमांशु को पल्हर नगर के पास बुलवाकर कचरे का बोरा बताया गया तो उसने अपनी गलती स्वीकारी और कहा कि आफिस में काम करने वाले ने कचरा डाल दिया। निगम की टीम ने उस पर 2500 रुपए का चालान बनाया।
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