व्‍यापार

EPFO Payroll Data: कोविड-19 की दूसरी लहर के बावजूद अप्रैल में जुड़े 13.73 प्रतिशत ज्यादा सदस्य

 

नई दिल्ली। 20 जून, 2021 को जारी ईपीएफओ (EPFO) के अनंतिम पेरोल आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल, 2021 में ईपीएफओ (EPFO) के साथ 12.76 लाख नए सदस्य जुड़े हैं. कोविड-19 (Covid19) की दूसरी लहर (Second Wave) के बावजूद, अप्रैल 2021 में पिछले महीने की तुलना में 13.73 प्रतिशत ज्यादा सदस्य जुड़े. मार्च, 2021 के दौरान लगभग 11.22 लाख नए सदस्य जुड़े थे. इन आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च, 2021 की तुलना में अप्रैल, 2021 के दौरान इससे निकलने वालों की संख्या में 87,821 की कमी आई है और फिर से जुड़ने वाली की संख्या 92,864 बढ़ गई है. महीने के दौरान जुड़े 12.76 लाख नए सदस्यों में से लगभग 6.89 लाख नए सदस्य पहली बार ईपीएफओ (EPFO) के सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आए हैं. लगभग 5.86 लाख सदस्य इससे अलग हो गए और बाद में ईपीएफओ (EPFO) के दायरे में आने वाले दूसरे प्रतिष्ठान में नौकरी के साथ ईपीएफफओ (EPFO) से फिर से जुड़ गए और अंतिम निस्तारण का विकल्प चुनने के बजाय कोष के हस्तांतरण के माध्यम से अपनी सदस्यता बनाए रखी है.

22-25 वर्ष आयु समूह ने लगभग 3.27 लाख लोगों ने अप्रैल में कराया नामांकन
पेरोल डाटा की उम्रवार तुलना करने से पता चलता है कि 22-25 वर्ष आयु समूह ने लगभग 3.27 लाख लोगों के साथ अप्रैल, 2021 के दौरान सबसे ज्यादा नामांकन कराया. इसके बाद 29-35 आयु समूह के लगभग 2.72 लाख लोगों ने नामांकन कराया. 18-25 आयु समूह के सदस्यों, जो सामान्य रूप से रोजगार बाजार में पहली बार आने वाले लोग होते हैं, ने अप्रैल, 2021 में हुए कुल नामांकनों में लगभग 43.35 प्रतिशत का योगदान किया. पेरोल आंकड़ों की राज्यवार तुलना से पता चलता है कि महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में पंजीकृत प्रतिष्ठान महीने के दौरान लगभग 7.58 लाख सदस्य जोड़ने के साथ अग्रणी रहे, जिनका सभी आयु समूहों में कुल पेरोल वृद्धि में लगभग 59.41 प्रतिशत का योगदान रहा. पूर्वोत्तर (एनई) राज्यों ने पिछले महीने की तुलना में कुल सदस्यता विस्तार के मामले में औसतन से ज्यादा वृद्धि दर्ज की है.

लिंग-वार विश्लेषण से संकेत मिलते हैं कि महीने के दौरान कुल नए सदस्यों में महिलाओं का योगदान लगभग 22 प्रतिशत है. माहवार विश्लेषण से, अप्रैल, 2021 में 2.81 लाख नामांकनों के द्वारा कुल महिला सदस्यों में बढ़ोतरी का रुझान जाहिर होता है, जो मार्च, 2021 में 2.42 लाख रहा था। इसके अलावा, पहली बार ईपीएफओ के दायरे में आने वाली महिला सदस्यों की संख्या अप्रैल, 2021 में बढ़कर 1.90 लाख हो गई, जबकि मार्च में यह संख्या 1.84 लाख रही थी.

उद्योगवार पेरोल आंकड़ों से संकेत मिलते हैं कि ‘विशेषज्ञ सेवा’ श्रेणी (मैनपावर एजेंसियां, निजी सुरक्षा एजेंसियां और छोटे ठेकेदार आदि) का महीने के दौरान कुल सदस्यता वृद्धि में 45 प्रतिशत योगदान रहा है. इसके अलावा, प्लास्टिक उत्पाद, बीड़ी बनाने के काम से जुड़े उद्योग, स्कूल, बैंकों और आयरन व इस्पात क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठानों में भी अप्रैल, 2021 के दौरान मार्च, 2021 की तुलना में कुल सदस्यता विस्तार में औसत से ऊंची वृद्धि दर्ज की गई. पेरोल डाटा अनंतिम हैं, क्योंकि कर्मचारियों के रिकॉर्ड को अपडेट करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। पिछले डाटा को हर महीने अपडेट किया जाता है. अप्रैल, 2018 से ईपीएफओ सितंबर, 2017 के बाद की अवधि को कवर करते हुए पेरोल डाटा जारी कर रहा है.

Next Post

महंगे पेट्रोल से मिलेगी राहत! Flex Fuel इंजन वाली गाड़ियां को लेकर सरकार करेगी ये बड़ा ऐलान

Mon Jun 21 , 2021
नई दिल्ली: पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सरकार का काबू नहीं है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल दोनों ही ग्लोबल मार्केट से रेगुलेट होते हैं. इसलिए सरकार इनके दाम कम नहीं कर सकती है. लेकिन सरकार एक काम जरूर कर सकती है, पेट्रोल की जगह कोई ऐसा ईंधन का इस्तेमाल शुरू कर दे जो काफी सस्ता […]