उज्‍जैन न्यूज़ (Ujjain News)

कालभैरव में तेज धूप में श्रद्धालुओं के जल रहे पैर

  • महाकाल लोक बनने के बाद भीड़ तो बढ़ी लेकिन प्रशासन नहीं दे रहा यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान

उज्जैन। उज्जैन में दर्शन के लिए प्रतिदिन देशभर के श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यह संख्या शनिवार और रविवार को ढाई से तीन लाख पहुँचती है। इस तपती दोपहर में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शनों के लिए लाइन में लगकर बेहद परेशान हो रहे हैं।


महाकाल की नगरी उज्जैन में महाकाल लोक निर्माण के बाद प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या डेढ़ से 2 लाख रहती है। शनिवार रविवार को यह संख्या ढाई से तीन लाख पहुंचती है। छुट्टियों के समय और विशेष अवसर पर यह संख्या डबल हो जाती है। वर्तमान में मौसम के हिसाब से पढ़ रही तेज धूप और उमस के कारण श्रद्धालु हर मंदिर में परेशान हो रहे हैं। महाकाल मंदिर में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बड़ी तो अब महाकाल के सेनापति काल भैरव पर भी श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो गई है। महाकाल दर्शन के बाद श्रद्धालु सीधे काल भैरव मंदिर पहुँचते हैं। इस समय पड़ रही तेज गर्मी में श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर तक लाइन में खड़ा होना पड़ता है। मंदिर के बाहर सीमेंट के ब्लॉक लगा रखे हैं जो दोपहर में और अधिक तप जाते हैं। मंदिर दर्शन के लिए नंगे पैर श्रद्धालुओं को लाइन में लगना होता है। श्रद्धालुओं की लाइन में बच्चों के साथ बुजुर्ग और हर उम्र के लोग रहते हैं। लाइन में लगे श्रद्धालु पूरे रास्ते तपती जमीन पर काल भैरव के दर्शन करने पहुँचते हैं। गर्मी से परेशान राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित इंदौर के श्रद्धालुओं ने बताया कि गर्मी के कारण ब्लॉक पर चलना मुश्किल हो रहा है। पैरों को ठंडा करने के लिए पानी खरीद कर स्वयं डाल रहे हैं। सबसे ज्यादा वृद्ध और बच्चों को परेशानी हो रही है। महाकाल लोक बनने के बाद कमाई के मामले में महाकाल सहित शहर के अन्य प्राचीन मंदिरों में भी लाखों रुपए का दान आने लगा है लेकिन इसके बाद भी गर्मी के इस मौसम में इस वर्ष सबसे अधिक गर्मी देखी गई लेकिन श्रद्धालुओं के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था काल भैरव मंदिर पर नहीं की गई।

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