देश भोपाल मध्‍यप्रदेश

विश्व को धर्म से जोड़ने वाला देश है भारतः मोहन भागवत

भोपाल । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत (Sarsanghchalak Dr. Mohan Bhagwat) ने कहा कि भारत का उत्थान तब हुआ, जब हम विश्व के कल्याण के मार्ग पर चले। भारत विश्व को धर्म से जोड़ने वाला देश है और भारत व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ने वाला तत्व धर्म है। उन्होंने कहा कि संघ का काम भारत को विश्वगुरु बनाना है।

सरसंघचालक डॉ. भागवत ( (Sarsanghchalak Dr. Mohan Bhagwat)) शनिवार शाम राजधानी भोपाल में विश्व संघ शिक्षा वर्ग के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यहां पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में बीते 17 जुलाई से शुरू हुए 21 दिवसीय विश्व संघ शिक्षा वर्ग में हिन्दू स्वयंसेवक संघ, सेवा इंटरनेशनल, फ्रेंड्स ऑफ़ इंडिया, हिन्दू युवा जैसे विविध देशों में हिन्दू संस्कृति संवर्धन के कार्यों से जुड़े, 13 देशों के 53 कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें कनाडा, यूएसए, यूके और थाईलैंड जैसे देशों से आये हुए कार्यकर्ता शामिल हैं।


डॉ. भागवत ने कहा कि प्रवासी भारतीयों के आचरण पर धब्बा नहीं है। जहां भी प्रवासी भारतीय गए हैं, वे उस देश के लिए एसेट बने हैं। उन्होंने कहा कि कैरिबियंस देशों में रहने वाले भाई-बहनों, इसका दुख न करो कि आप लोग अपनी मातृभूमि से बिछड़े हुए हैं। भगवान ने प्रयोजन किया है, उसकी इच्छा से ये हुआ है। आपके भाग्य में अपनी स्वभूमि से निर्वासन और ऐसी स्थिति में भी उसकी पुरानी स्मृतियां पीढ़ी दर पीढ़ी रहे, उसे आपको सारी दुनिया को देना है। उन्होंने कहा कि आपको जनहित के लिए जीना है। इस तरुण पीढ़ी को संघ का काम अब और आगे ले जाना है।

कार्यक्रम में संघ के मध्य भारत प्रान्त के संघचालक अशोक पांडे, भोपाल विभाग संघचालक डॉ. राजेश सेठी, वर्ग के सर्वाधिकारी मुंबई के डॉ. सतीश मोड़, विश्व विभाग संयोजक सौमित्र गोखले और क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते मौजूद रहे। एजेंसी/(हि.स.)

Share:

Next Post

सोशल मीडिया को असभ्यता का अड्डा बनने से रोकना होगा!

Sun Aug 7 , 2022
– दीपक कुमार त्यागी भारतीय संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की पूर्ण आज़ादी प्रदान करता है, लेकिन कानून के दृष्टिकोण से देखा जाए तो इसके बहुत सारे अपवाद भी मौजूद हैं। आप अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर किसी भी दूसरे व्यक्ति की अवमानना नहीं कर सकते हैं, किसी भी दूसरे व्यक्ति के […]

Leave a Reply

Your email address will not be published.