
सवा करोड़ से अधिक के मान से प्रत्येक दुकानें बेची जाएंगी, बेंकेट हॉल और कम्यूनिटी हॉल का किराया अलग से मिलेगा
इन्दौर। पिछले काफी समय से मालवा मिल कम्यूनिटी हॉल (Malwa Mill Community Hall) का काम उलझन में पड़ा हुआ था। पुराना कम्यूनिटी हॉल तोड़कर नया बनाने का काम शुरु हुआ था, लेकिन कई उलझनों और दुकानों की मंजूरी के चक्कर में मामला अटक गया था और काम बंद हो गया था। अब एमआईसी (MIC) की आठ दुकानें बनाए जाने पर मंजूरी मिलने के बाद वहां फिर से काम शुरू कराए जाने की तैयारी है। आठ दुकानों से निगम को दस करोड़ (10 crore) की राशि मिलने की उम्मीद है और 6 करोड़ में पूरा कम्यूनिटी हॉल बनेगा। इससे चार करोड़ का निगम को फायदा भी होगा और साथ ही वहां कम्यूनिटी हॉल किराए पर देने से प्रतिमाह अच्छी खासी आय भी होगी।
मिल क्षेत्र का सबसे बड़ा मालवा मिल का कम्यूनिटी हॉल गरीब तबकों के शादी-ब्याह और अन्य बड़े मांगलिक कार्यों के लिए सबसे बड़ा सहारा होता था, लेकिन पुराना कम्यूनिटी हॉल काफी जर्जर होने के कारण विगत चार-पांच सालों से निगम द्वारा ही बंद कर दिया गया था और उसे तोड़कर नया बनाए जाने की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए निगम ने वहां कम्यूनिटी हॉल बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन मुख्य मार्ग पर होने के कारण वहां दुकानें बनाए जाने का भी सुझाव मिला था, जिस पर नए सिरे से फिर प्रस्ताव तैयार किया गया। नगर निगम ने पहले कम्यूनिटी हॉल का काम शुरू करा दिया था, लेकिन बाद में दुकानों के निर्माण को लेकर फिर से काम रोक दिया गया। क्षेत्रीय पार्षद और एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया के मुताबिक गत दिनों हुई एमआईसी की बैठक में मालवा मिल कम्यूनिटी हॉल की तल मंजिल पर आठ दुकानें बनाए जाने की मंजूरी मिल गई है। उनका कहना है कि मुख्य मार्ग और क्षेत्र की प्रॉपर्टी रेट के मान से प्रत्येक दुकान से निगम को सवा करोड़ से अधिक की राशि नीलामी में मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार आठ दुकानों से करीब दस करोड़ की राशि निगम को मिलेगी। दूसरी ओर मालवा मिल के नए कम्यूनिटी हॉल के निर्माण पर 6 करोड़ की राशि खर्च होगी और निगम को चार करोड़ का फायदा भी होगा। इन सबके अलावा वहां दो बड़े बेंकेट हॉल, कई कमरे, अत्याधुनिक सुविधाघर के साथ-साथ पार्किंग के लिए भी स्थान बनाए जाएंगे। वहां होने वाले शादी-ब्याह के आयोजनों से भी निगम को प्रतिमाह अच्छी खासी आय हो सकेगी।
पूरी प्रक्रिया टेंडर से, दुकानदारों के अलग खाते खुलेंगे
पहाड़िया के मुताबिक, आठ दुकानों को दिए जाने के लिए पूरी प्रक्रिया टेंडर के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाएगी, ताकि बाद किसी प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप न लगे। इसके साथ ही सभी आठ दुकानदारों से निगम द्वारा अलग-अलग खाते खुलवाए जाएंगे, जिसमें उनके द्वारा दी जाने वाली राशि जमा हो सकेगी। उनके मुताबिक अब आने वाले दिनों में कम्यूनिटी हॉल का काम फिर से तेजी से शुरू कराया जाएगा और निर्माण करने वाली एजेंसियों को 6 माह में पूरा काम करने का टारगेट दिया गया है।
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