img-fluid

इंदौर: अवैध कॉलोनियों में होती रहेंगी शासन आदेश के तहत रजिस्ट्रियां, निगम संकल्प हो गया धराशायी

August 20, 2026

अग्निबाण एक्सपोज… प्रमुख सचिव ढाई महीने पहले ही संभागायुक्त और कलेक्टरोंको दे चुके हैंस्पष्ट निर्देश, रजिस्ट्रियों पर अवैध प्रतिबंध लगाने के किसी को अधिकार नहीं, सम्पत्ति कर के खातों से भी पंजीयन विभाग का कोई वास्ता नहीं

इंदौर। महापौर परिषद् (Mayor’s Council) की बैठक हुई, जिसमें अवैध कॉलोनियों (Illegal colonies) में सम्पत्ति कर (property taxes) के खाते खोलने और उसके आधार पर रजिस्ट्री ना कराने की बात बढ़-चढ़कर कही गई और समाचार-पत्रों ने भी बिना तथ्यों को जाने-समझे खबरों का प्रकाशन कर दिया, जबकि इस मामले में हकीकत यह है कि नगर निगम के संकल्प की कोई अहमियत ही नहीं है और पंजीयन विभाग उसे मानने के लिए बाध्य भी नहीं। ढाई महीने पहले ही प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर ने सभी संभागायुक्त और कलेक्टरों को इस आशय का स्पष्ट पत्र भिजवाया, जिसमें किन परिस्थितियों में रजिस्ट्रियां रोकी जा सकती है उसका तो उल्लेख किया ही, साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि किसी को भी रजिस्ट्रियों को रुकवाने के संबंध में अवैधानिक प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है। यानी नगर निगम का संकल्प पंजीयन विभाग तक पहुंचने से पहले ही धराशायी हो गया है।


  • पंजीयन विभाग का स्पष्ट कहना है कि नगर निगम अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए अवैध कॉलोनियों के सम्पत्ति कर के खाते खोले और उसकी रसीदों पर कुछ भी लिख दे, इससे उनका कोई वास्ता नहीं है। दरअसल, अभी महापौर सहित राजस्व समिति प्रभारी ने यह दावा किया कि सम्पत्ति कर के खाते सिर्फ राजस्व वसूली के लिए खोले जाएंगे और इनकी रसीदों के आधार पर पंजीयन विभाग कोई रजिस्ट्री नहीं करेगा। जबकि पंजीयन एक्ट में इस तरह के कोई प्रावधान ही नहीं है और नगर निगम को तो वैसे भी रजिस्ट्री रूकवाने का अधिकार नहीं है। भले ही वह सम्पत्ति कर के खातों की रसीदों पर इसका उल्लेख कर दे। वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू का स्पष्ट कहना है कि अवैध कॉलोनियों में पूर्ववत रजिस्ट्रियां होती रहेंगी और निगम के संकल्प के आधार पर किसी तरह की रोक लगाना संभव नहीं है और अगर निगम से ऐसा कोई पत्र प्राप्त होता भी है तो उसे शासन को भेज दिया जाएगा, क्योंकि कुछ समय पूर्व ही वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर ने 26 मई 2026 को एक विस्तृत पत्र सभी संभागायुक्त और कलेक्टर को भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि दस्तावेजों के पंजीयन पर अवैधानिक रूप से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, जब तक कि ऐसा कोर्ट आदेश या कोई विवादित मामला नहीं हो। इस पत्र में प्रमुख सचिव ने यह भी स्पष्ट लिखा है कि मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के नियम 23 में उल्लेख किया गया है कि पंजीयन पूर्व अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाए। मगर ऐसा भी कोई प्रावधान पंजीयन एक्ट मेंनहीं है, जिसके चलते अवैध कॉलोनियों में पहले से ही रजिस्ट्रियां होती रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। प्रमुख सचिव का यह भी कहना है कि दस्तावेजों का पंजीयन स्वत्व का प्रमाण ना होकर पक्षकारों के मध्य संव्यवहार के संबंध में मात्र सार्वजनिक साक्ष्य का निर्माण करता है। लिहाजा दस्तावेजों के पंजीयन पर बिना सक्षम अधिकारिता एवं स्पष्ट न्यायिक या अर्द्धन्यायिक आदेश बिना प्रतिबंध लगाना अथवा क्रय-विक्रय अंतरण पर रोक संबंधी आदेश विधि अनुरूप नहीं है।

    सरकारी और विवादित जमीनों पर पहले से ही लगी है रोक
    महापौर परिषद् की बैठक में सरकारी, अतिक्रमण की जमीनों के सम्पत्ति कर खाते खोलने का भी प्रस्ताव था, जिसे ऐन वक्त पर निरस्त कर दिया। दूसरी तरफ पंजीयन विभाग का कहना है कि विवादित, सरकारी, नजूल या घोटालेबाज गृह निर्माण संस्थाओं की जिन जमीनों पर शासन-प्रशासन ने रोक लगा रखी है उनकी रजिस्ट्रियां अवश्य नहीं की जाती है और इसके लिए अलग से किसी संकल्प की आवश्यकता ही नहीं है। समय-समय पर प्रशासन द्वारा भी पत्र लिखकर पंजीयन विभाग को सूचित किया जाता है कि उक्त सम्पत्तियों की रजिस्ट्रियां ना की जाए, क्योंकि वे जांच के दायरे में है। इसी तरह प्राधिकरण, निगम भी इस तरह की अवैध सम्पत्तियों का पंजीयन रुकवाते रहे हैं, जिनमें अवैध कॉलोनियां नहीं आती।

    Share:

  • इंदौर: 36 फीसदी खाली पड़े हैं बांध, इंदौरी तालाब भी नहीं हो पाए लबालब

    Thu Aug 20 , 2026
    इंदौर। ऐसा लगता है इस बार मानसून (Monsoon) इंदौर (Indore) से रूठा ही रहेगा। रोजाना बादल तो घिरते हैं मगर जोरदार बरसते नहीं, जिसके चलते इस बार अभी तक मात्र 440 मिमी यानी साढ़े 17 इंच बारिश ही हुई है। नतीजतन तेज बारिश (Heavy rain) की झड़ी एक बार भी ना लगने के कारण इंदौर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved