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MP: कोरोना के नए वेरिएंट को करेंगे पराजित : मुख्यमंत्री

– जन-सहयोग से कोरोना नियंत्रण के मॉडल का जरूरत पड़ने पर फिर होगा उपयोग

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि कोविड से बचाव के अभियान में अन्य स्वैच्छिक संगठनों के साथ ही अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन (American India Foundation) (एआयएफ) का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। फाउंडेशन ने सेवा धर्म का निर्वाह करते हुए अद्भुत कार्य किया है। भारत और अमेरिका दो महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक राष्ट्र हैं। अनेक क्षेत्र में दोनों देश मिलकर कार्य करते हैं, जो इतिहास रचने जैसा कार्य हो जाता है। मध्यप्रदेश में जन-सहयोग से कोरोना नियंत्रण का कार्य हुआ। यह मॉडल जरूरत पड़ने पर फिर उपयोग में लाया जाएगा। हम कोरोना के नए वेरिएंट को पराजित करेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान सोमवार को फाउंडेशन के सहयोग से कैलाशनाथ काटजू सिविल अस्पताल भोपाल में 500 एल.पी.एम क्षमता के ऑक्सीजन संयंत्र (लागत 80 लाख) और बैढ़न जिला सिंगरौली में 250 एल.पी.एम. क्षमता के ऑक्सीजन संयंत्र (लागत 55 लाख) का वर्चुअल शुभारंभ कर रहे थे। इस अवसर पर सीहोर और बैतूल के जिला चिकित्सालयों में 50 बेड की नवीन मॉड्यूलर इकाई का भी शुभारंभ किया गया। प्रत्येक इकाई की लागत 01 करोड़ 60 लाख रुपये है।

उन्होंने कहा कि एआयएफ के माध्यम से लगभग 20 वर्ष पूर्व गुजरात में आए भूकम्प के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रभावितों की सहायता में अमेरिका का सहयोग लिया था। आपदा की उस घड़ी में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ने सहयोग का हाथ बढ़ाया था। इन सेवा कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने प्राप्त सहयोग के लिए फाउंडेशन के कंट्री डायरेक्टर मैथ्यु जोसेफ, हेल्थ डायरेक्टर महेश श्रीनिवास और अन्य सहयोगियों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर बैतूल सांसद दुर्गादास उइके, विधायक निलय डागा व योगेश पंडाग्रे, पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल, आदित्य शुक्ला, सिंगरौली में विधायक रामलल्लू बेस, सुभाष वर्मा व अमर सिंह, सीहोर के जन-प्रतिनिधियों में विधायक सुदेश राय, सीताराम यादव, राजेश राठौर, राजकुमार गुप्ता, प्रिंस राठौर, भोपाल में पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता उपस्थित थे।

नए वेरिएंट का मुकाबला करने के लिए हम तैयार हैं
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अब नए वेरिएंट का मुकाबला करने में भी हम फाउंडेशन और अन्य संस्थाओं के सहयोग से विजयी होंगे, कोरोना वायरस पराजित होगा। हाल ही में मॉकड्रिल द्वारा प्रदेश के ऑक्सीजन संयंत्र चलाकर देखे भी गए हैं। जन-सहयोग से सावधानियाँ रखते हुए हम प्रदेश में कोरोना वायरस पर नियंत्रण की स्थिति बनाए रखेंगे।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार द्वारा कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की पूरी तैयारी की गई है। जहाँ परस्पर दूरी और मास्क के उपयोग की सावधानियों को सुनिश्चित किया जा रहा है, वहीं वैक्सीनेशन के माध्यम से संपूर्ण आबादी को सुरक्षा चक्र देने का कार्य तत्परता और प्राथमिकता से किया जा रहा है। प्रदेश में पात्र आबादी में से 93 प्रतिशत को पहला डोज और 70 प्रतिशत को दूसरा डोज लग गया है। महाअभियान के माध्यम से वैक्सीनेशन कार्य निरंतर चल रहा है। अठारह वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र व्यक्तियों को दिसम्बर माह में वैक्सीन लगवाने का लक्ष्य है। हर हाल में लहर को रोकना है। यदि लहर आ भी जाए तो इससे मुकाबले के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।

पीड़ित मानवता के लिए फाउंडेशन के कार्य प्रशंसनीय
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड नियंत्रण के कार्य में रोगियों के उपचार और प्रबंधन, सिंगल यूजर वेंटीलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और मॉड्यूलर अस्पताल जैसी सुविधाएँ फाउंडेशन उपलब्ध करवाई हैं। इस पर करीब 15 करोड़ की राशि व्यय हुई। इसके साथ ही वैक्सीनेशन अभियान में भी फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है। पीड़ित मानवता की सेवा के लिए कार्य कर रही फाउंडेशन की टीम प्रशंसा की पात्र है। मध्यप्रदेश में जन-सहयोग से कोरोना नियंत्रण के मॉडल को सराहा गया है।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन, स्ट्रीट वेण्डर्स, हमारी बहनों और जनजातीय समुदाय को भी सहायता प्रदान करने में फाउंडेशन का सहयोग रहा है। इसके साथ ही विदिशा, गुना धार, डिण्डौरी, मण्डला और छिंदवाड़ा में टीकाकरण में भी एआयएफ का सहयोग मिल रहा है।

फाउंडेशन के कंट्री डायरेक्टर मैथ्यु जोसेफ ने कहा कि फाउंडेशन यूएस और इंडिया के बीच सेतु का कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश में कोविड के प्रथम चरण में फाउंडेशन ने फ्रंटलाइन वर्कर्स को संक्रमित होने से बचाने, प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए राशन की आपूर्ति के कार्य में सहयोग किया। प्लाई सर्जिकल मास्क, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, एन-95 मास्क, दस्ताने, थर्मल स्कैनर उपलब्ध करवाए गए। मौजूदा स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने के लिए फाउंडेशन गंभीर रूप से बीमार लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध करवाता है। कोविड की दूसरी लहर में भी फाउंडेशन सक्रिय रहा। कोविड नियंत्रण के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी कार्य हो रहा है। देश में उत्तराखंड और केरल में बाढ़ की स्थिति में भी प्रभावितों को मदद पहुँचाई गई।

मुख्यमंत्री को अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन की परियोजना पदाधिकारी सुश्री कृति प्रधान ने फाउंडेशन द्वारा किए गए कार्यों का प्रगति प्रतिवेदन सौंपा। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान उपस्थित थे। (एजेंसी, हि.स.)

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