इंदौर न्यूज़ (Indore News)

कोरोना की तीसरी लहर में नहीं चलेगी डॉक्टरों की मनमानी, एक दिन में एक बार ही फीस ले सकेंगे


अलग-अलग अस्पतालों में जाने की संख्या भी होगी निर्धारित
इन्दौर।  प्रदेश और विशेषकर इंदौर जिले में कोरोना (Corona) की तीसरी लहर (Third Wave)  ने दस्तक दे दी है। इसको लेकर अब प्रोटोकॉल (Protocol) तैयार किए जा रहे हैं। कल रेसीडेंसी कोठी (Residency Kothi) में हुई डॉक्टरों की बैठक में कलेक्टर मनीषसिंह (Collector Manish Singh) ने कोरोना इलाज के लिए प्रोटोकॉल (Protocol) तैयार करने के लिए कहा है।
तीन दिनों में ही कोरोना के 327 मरीज निकल आए हैं। आने वाले दिनों में इनकी संख्या बढऩे की आशंका है। इसी को लेकर कल सांसद शंकर लालवानी (MP Shankar Lalwani) की मौजूदगी में कलेक्टर मनीषसिंह (Collector Manish Singh)  ने रेसीडेंसी कोठी (Residency Kothi) में शासकीय अस्पतालों के डॉक्टरों की बैठक ली थी। बैठक में कुछ निजी अस्पतालों (Private hospitals) के प्रमुख चिकित्सक भी मौजूद थे। चूंकि तीसरी लहर (Third Wave)  सामने ही नजर आ रही है और इसमें डेल्टा के साथ-साथ ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron variants) के मरीज भी सामने आएंगे, इसलिए इलाज में किस तरह का प्रोटोकॉल रखा जाए, इसको लेकर भी डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि इलाज में किन-किन इंजेक्शन (Injection) या दवाइयों का प्रयोग होना है, उसकी जानकारी पहले से जिला प्रशासन को दे दें। इसे बाजार में लीक नहीं करें, नहीं तो दूसरी लहर की तरह स्टॉक गायब कर कालाबाजारी (Black marketing) शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही सांसद लालवानी (MP Lalwani)ने यह भी कहा कि डॉक्टर (Doctors) और निजी अस्पतालों के संचालकों के लिए प्रोटोकॉल (Protocol)  तैयार किया जाएगा, जिसमें वे निर्धारित दर के अनुसार ही मरीज से राशि ले सकेंगे। वहीं एक डॉक्टर अगर दिन में तीन बार भी मरीज को देखता है तो वह अलग-अलग फीस नहीं लगा पाएगा, उसे एक दिन में एक बार ही फीस लगाना होगी। कुछ डॉक्टर एक से अधिक अस्पतालों में भी विजिट करते हैं। पिछले साल कोरोना मरीजों ( Corona patients) के इलाज में एक ही डॉक्टर का नाम कई अस्पतालों के बिल में पाया गया था।


डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं होगी मरीजों की किसी भी प्रकार की जांच
कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave)  को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) ने चेस्ट सोसायटी एवं इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में तय किया कि कोई भी सामान्य व्यक्ति या मरीज अपने मन से जांच नहीं कराए। डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी प्रकार की जांच न हो और न ही सीटी स्कैन (CT scan) करवाया जाए।


बैठक में फिलहाल आईएमए ने कुछ एडवाइजरी जारी की है। इसमें आम लोगों को कोरोना के नए वेरिएंट से नहीं डरने की अपील की गई है और कहा है कि ओमिक्रॉन कम घातक है, लेकिन हमें अपनी जवाबदारी समझना है और सारे प्रोटोकॉल का पालन करना है। इसके साथ ही आम लोगों से कहा गया है कि बिना पर्ची के अपने मन से किसी भी प्रकार की जांच नहीं करवाएं और न ही सीटी स्कैन (CT scan) करवाएं। पहले डॉक्टर (Doctors) को दिखाएं और डॉक्टर अगर रिकमेंट करता है तो ही जांच करवाई जाए। इसके साथ ही अस्पताल संचालकों से कहा गया है कि अपने यहां फिक्स्ड रेट लिस्ट लगाएं। पिछली बार होम आइसोलेशन (Isolation) को लेकर लापरवाही हुई थी, लेकिन मरीज को अब अस्पताल में आइसोलेट होना होगा। एसोसिाशन के डॉ. सुमित शुक्ला ने यह भी कहा कि एजीथ्रो, डॉक्सी जैसी दवाइयां मन से न लें।

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