img-fluid

World Malaria Day: मलेरिया के साथ डेंगू-टाइफाइड का डबल अटैक बढ़ता है परेशानी, डॉक्टरों के लिए बना चुनौती

April 25, 2026

नई दिल्ली। बुखार (Fever) को अक्सर लोग सामान्य मलेरिया (Malaria) मानकर इलाज में लापरवाही बरत देते हैं, लेकिन अब यह तरीका जोखिम भरा साबित हो रहा है। राजधानी के अस्पतालों में हुए अध्ययन से सामने आया है कि कई मरीजों में मलेरिया के साथ डेंगू, चिकनगुनिया और टाइफाइड (Typhoid) जैसे संक्रमण एक साथ मिल रहे हैं। इस तरह के मल्टी-इंफेक्शन ने डॉक्टरों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि सही बीमारी की पहचान में देरी होने पर इलाज का असर भी धीमा पड़ जाता है। यह निष्कर्ष वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल में किए गए अध्ययन से सामने आया है।

जुलाई 2022 से नवंबर 2023 के बीच 4259 बुखार से पीड़ित मरीजों का परीक्षण किया गया। इनमें 87 मरीज (करीब 2.04%) मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। खास बात यह रही कि इन मरीजों में लगभग 45 प्रतिशत में डेंगू, चिकनगुनिया या टाइफाइड का को-इंफेक्शन भी मिला। इससे बीमारी की पहचान और इलाज दोनों जटिल हो जाते हैं। अध्ययन में Plasmodium vivax और Plasmodium falciparum दोनों प्रकार के संक्रमण दर्ज किए गए।

रिपोर्ट के अनुसार मरीजों में ठंड लगना (80.46%), पीलिया (51.72%), मांसपेशियों में दर्द (56.32%), पूरे शरीर में दर्द (54.02%) और लीवर व स्प्लीन का बढ़ना (64.37%) जैसे लक्षण प्रमुख रूप से देखे गए। कुछ गंभीर मामलों में एनीमिया सबसे बड़ी जटिलता के रूप में सामने आया।


  • बीमारी की पहचान बनी चुनौती
    विशेषज्ञों का कहना है कि जब मलेरिया अन्य संक्रमणों के साथ होता है, तो लक्षण आपस में मिल जाते हैं। इससे सही समय पर बीमारी की पहचान करना मुश्किल हो जाता है और इलाज में देरी हो सकती है। जुलाई से सितंबर के बीच संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है और पुरुषों में इसका जोखिम महिलाओं की तुलना में ज्यादा पाया गया है।

    संक्रमण के पीछे की वजह
    दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया मच्छरों के जरिए फैलते हैं, जबकि टाइफाइड दूषित पानी और खराब स्वच्छता से जुड़ा होता है। ऐसे में क्लिनिकल स्तर पर इन बीमारियों को अलग-अलग पहचानना कठिन हो जाता है, जिससे कई बार एक से अधिक संक्रमण एक साथ मौजूद रहते हैं।

    प्रमुख लक्षण-
    तेज बुखार के साथ ठंड लगना और कंपकंपी
    ज्यादा पसीना आना
    सिरदर्द और कमजोरी
    मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द
    उल्टी या मतली
    भूख कम लगना
    चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
    गंभीर स्थिति में पीलिया (आंख और त्वचा पीली होना)

    बचाव के उपाय-
    मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें
    घर के आसपास पानी जमा न होने दें
    पूरी बाजू के कपड़े पहनें
    बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

    Share:

  • AAP को बड़ा झटका, राघव चड्ढा नहीं, इस सांसद के जाने से हिला संगठन, केजरीवाल की रणनीति पर असर

    Sat Apr 25 , 2026
    नई दिल्ली। 24 अप्रैल 2026 का दिन आम आदमी पार्टी (AAP) के इतिहास में एक बड़े राजनीतिक मोड़ के रूप में दर्ज हो सकता है। वजह सिर्फ राघव चड्ढा (Raghav Chadha) का पार्टी से अलग होना नहीं, बल्कि यह है कि पहली बार पार्टी के संसदीय दल में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली है। […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved