
नई दिल्ली।अमेरिका की जांच एजेंसी (U.S. investigative agency)फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई)(Federal Bureau of Investigation (FBI)) ने एक भारतीय नागरिक कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल (Kalpeshkumar Rasikbhai Patel)की तलाश तेज कर दी है। कल्पेशकुमार पटेल पर आरोप है कि उसने 2017 से 2021 के बीच अमेरिका में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बड़ी साजिश को अंजाम दिया।
अमेरिका में एक भारतीय युवक पर लोगों से ठगी का आरोप लगा है, जिसकी तलाश एफबीआई कर रही है। जानकारी क मुताबिक, वो एक ऐसे गिरोह का सदस्य है जो लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें।
अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने एक भारतीय नागरिक कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल की तलाश तेज कर दी है। कल्पेशकुमार पटेल पर आरोप है कि उसने 2017 से 2021 के बीच अमेरिका में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बड़ी साजिश को अंजाम दिया।
केनी पटेल के नाम से भी जाना जाता है आरोपी
एफबीआई के मुताबिक, कल्पेशकुमार पटेल जिसे ‘केनी पटेल’ के नाम से भी जाना जाता है, करीब 35 साल का है और फिलहाल अमेरिका के इलिनॉय और पेंसिल्वेनिया के बीच कहीं रह रहा हो सकता है या वहां आ-जा रहा हो सकता है। वह पहले एक फ्यूल स्टेशन पर काम करता था, लेकिन उस पर आरोप है कि वह एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा था, जो लोगों को फोन करके ठगता था।
फोन कॉल से करोड़ों की ठगी का आरोप
इस गिरोह का तरीका काफी चालाक था। वे लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें। ज्यादातर मामलों में पीड़ितों से नकद पैसा या प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए पैसे अलग-अलग पते पर भिजवाए जाते थे।
FBI ने घोषित किया न्याय से भागा हुआ आरोपी
इस मामले में 22 जून 2023 को अमेरिका की एक अदालत (केंटकी के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट) ने केनी पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर ‘मेल और वायर फ्रॉड साजिश’ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल वह फरार है और एफबीआई ने उसे ‘न्याय से भागा हुआ आरोपी’ घोषित किया है।
आरोपी के बारे में आम लोगों से FBI की अपील
एफबीआई ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को केनी पटेल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत एफबीआई के नजदीकी दफ्तर या अमेरिकी दूतावास/कॉन्सुलेट को सूचित करें। जांच एजेंसी का कहना है कि ऐसी कोई भी जानकारी जांच के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।
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