
प्राधिकरण को शासन ने भू-उपयोग परिवर्तन की नहीं दी अनुमति, जिसके चलते बस स्टैंड की जमीन पर अब पीपीपी मॉडल पर मिक्स उपयोग करेंगे, मार्केट के साथ ऑफिस-होटल सुविधा भी मिलेगी
इंदौर। विजय नगर (Vijay Nagar) चौराहा पर प्राधिकरण (IDA) के पास साढ़े 9 एकड़ बस स्टैंड (Bus Stand) के लिए आरक्षित पुरानी जमीन पड़ी है, जिसमें से 3 एकड़ जमीन शासन ने कई वर्ष पूर्व व्यवसायिक (Business) कर दी। शेष बची साढ़े 6 एकड़ जमीन का भी उपयोग परिवर्तन करने का प्रस्ताव भिजवाया था, जिसे शासन ने नामंजूर कर दिया। इसके चलते अब इस तीन लाख स्क्वेयर फीट जमीन पर प्राधिकरण पीपीपी के तहत मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब निर्मित करने जा रहा है, जिसकी मंजूरी अभी हुई बोर्ड बैठक में ली गई। रोड ट्रांसपोर्ट के साथ मेट्रो से भी इसकी कनेक्टीविटी रहेगी और साथ ही व्यवसायिक निर्माण में मार्केट, ऑफिस, होटल सहित अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएगी। इस बेशकीमती जमीन की कीमत 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक है और चूंकि प्राधिकरण नायतामूंडला के साथ कुमेर्डी, एमआर-10 पर 2 आईएसबीटी निर्मित करवा चुका है।
लिहाजा उसने शासन से मांग की थी कि विजय नगर चौराहा की शेष बची साढ़े 6 एकड़ जमीन का भी भू-उपयोग व्यवसायिक कर दिया जाए, ताकि पूरी साढ़े 9 एकड़ जमीन व्यवसायिक उपयोग के साथ टेंडर के जरिए बेची जा सके और इससे जो राशि प्राप्त होगी उससे शहरभर में फ्लायओवर, सडक़ों के निर्माण सहित अन्य प्रोजेक्ट आसानी से अमल में लाए जा सकते हैं। मगर नगरीय प्रशासन और विकास मंत्रालय ने इसकी अनुमति नहीं दी। वहीं मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भी यह जमीन देने का निर्णय पूर्व में हुआ था। मगर उसके एवज में प्राधिकरण ने बड़ी राशि मांगी, जिसके कारण मेट्रो कॉर्पोरेशन भी यह जमीन हासिल नहीं कर सका। अभी प्राधिकरण की जो बोर्ड बैठक 31 मार्च को आयोजित की गई उसमें आईएसबीटी के लिए सुरक्षित इस जमीन पर पीपीपी आधारित मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब निर्माण का निर्णय लिया गया। इस हब में रोड ट्रांसपोर्ट यानी बसों की सुविधा के अलावा मेट्रो से भी कनेक्टीविटी रहेगी और होटल, ऑफिस सहित अन्य व्यवसायिक गतिविधियां भी विकसित होगी। विजय नगर चौराहा पर साढ़े 6 एकड़ जमीन बस स्टैंड उपयोग की ही है और शेष 3 एकड़ जमीन जो व्यवसायिक उपयोग की है, उसे प्राधिकरण भविष्य में टेंडर के जरिए बेचेगा या उस पर भी व्यवसायिक प्रोजेक्ट लाया जा सकता है।
प्राधिकरण में स्टाफ का भी टोटा… 29 पदों पर होगी भर्ती
विगत वर्षों में एक के बाद एक अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति होती गई और नई भर्ती नहीं हुई, जिसके चलते अब इंजीनियरों के साथ अन्य अधिकारियों का टोटा पड़ गया है, जिसके चलते अब प्राधिकरण ने रिक्त पदों के लिए आवेदन बुलवाए हैं, जिनमें मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, नियोजक, विधि अधिकारी, सहायक यंत्री से लेकर सम्पदा, राजस्व निरीक्षक और पटवारी जैसे पदों पर भ र्ती की जाएगी। फिलहाल प्राधिकरण ने 29 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन बुलवाए हैं। मुख्य कार्यपालिक अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े के मुताबिक, ये नियुक्तियां सामान्य प्रशासन विभाग के नियम के तहत ही प्रभावशील रहेंगी। आवेदनों की अंतिम तिथि 17 अप्रैल तय की गई है। उल्लेखनीय है कि टीपीएस योजनाओं के अलावा प्राधिकरण के पास हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट हैं। मगर सबसे अधिक इंजीनियरों की कमी है और सभी विभागों में बीते कई वर्षों से पद भरे ही नहीं जा सके। बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर शासन भी इन रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दे चुका है।
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