
पूरे चिडिय़ाघर परिसर में ग्रीन नेट बांधी, परिंदों के पिंजरों में पानी के फव्वारे भी लगाए
इंदौर। भीषण गर्मी (Scorching heat) के कारण दोपहर में शहर (Indore) की सडक़ें सन्नाटे में रहती हैं और ऐसे में चिडिय़ाघर (Zoo) में परिंदों (Birds) से लेकर कई वन्यप्राणियों की सुरक्षा और गर्मी से राहत के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं। करीब 15 से ज्यादा कूलर शेरों के पिंजरों के आसपास लगाए गए हैं और परिदों के पिंजरों के आसपास ग्रीन नेट लगाने से लेकर पानी के फव्वारे भी लगाए गए हैं। कई शाकाहारी वन्यप्राणियों को ग्लूकोज का पानी दिया जा रहा है, ताकि उनकी सेहत दुरुस्त रहे।

शेरों के खुले बाड़े में उनके लिए बनाए गए कुंडों में साफ-सफाई के साथ-साथ पर्याप्त पानी रखा गया है और दोपहर में कई शेर वहां पानी के अंदर ही बैठे रहते हैं, ताकि गर्मी से राहत मिल सके। चिडिय़ाघर में बड़ी संख्या में शेर और टायगर का कुनबा है और लगातार इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इसके अलावा परिंदों की भी संख्या में पिछले कुछ सालों में वृद्धि हुई है और इनका आंकड़ा भी 400 से ज्यादा पहुंच गया है। शेरों के पिंजरों के आसपास 15 से ज्यादा कूलर लगाने के साथ-साथ कुछ हिस्सों में ग्रीन नेट भी बांधी गई है। प्रभारी अधिकारी डा. उत्तम यादव के मुताबिक विदेशी बंदरों के पिंजरों को आसपास भी कूलर लगाए गए हैं, क्योंकि उनको गर्मी से बचाना होता है। परिंदों के पिंजरों के आसपास भी फव्वारे लगाए गए हैं, जो दोपहर में खासतौर पर चालू किए जाते हैं, ताकि भीषण गर्मी से उन्हें राहत मिल सके। इसके अलावा कुछ दवाइयों के साथ-साथ ग्लूकोजयुक्त पानी सुबह-शाम दिया जाता है, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे।
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