
इंदौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले प्रदेश के किसान अपनी ज्वलंत समस्याओं को लेकर 4 मई को भोपाल कूच करेंगे। किसान पदाधिकारी का कहना है कि सरकार के कई नियम व्यावहारिक नहीं हैं, जिसमें नरवाई जलाने का सैटेलाइट सर्वे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। गेहूं सहित सभी फसलों को समर्थन मूल्य से नीचे मंडियों में नीलामी की बोली तत्काल प्रभाव से बंद की जानी चाहिए। महासंघ के प्रदेश महामंत्री घनश्याम पटेल व राष्ट्रीय युवा उपाध्यक्ष त्रिलोक गोठी ने बताया कि 4 मई को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की जाएगी। मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा।
प्रमुख 16 सूत्रीय मांगें
– उपार्जन सुधार- गेहूं खरीदी में स्लॉट बुकिंग विसंगतियां दूर हों। केंद्रों पर रोजाना 2000 क्विंटल तौल व फ्लेट कांटे का उपयोग हो।
– नरवाई प्रकरण- सैटेलाइट सर्वे से दर्ज नरवाई जलाने के केस वापस हों और नियमों में ढील मिले।
– ब्याज राहत- सहकारी बैंकों के शून्य प्रतिशत ब्याज की तिथि गेहूं उपार्जन के एक सप्ताह बाद तक बढ़े।
-आपदा मुआवजा- आगजनी व प्राकृतिक आपदा पीडि़तों को शीघ्र राहत व 100 प्रति. बीमा लाभ मिले।
– केन-बेतवा-परियोजना प्रभावित आदिवासियों की मांगें पूरी हों और उन पर सख्ती बंद हो।
– मंडी नियम- मंडियों में एमएसपी से कम खरीदी न हो। मंडी अधिनियम की धारा 36 व 37 का सख्ती से पालन हो।
– स्वामीनाथन फार्मूला- सभी उपजों का मूल्य लागत के आधार पर सी 2+ 50फीसदी फॉर्मूले से तय हो।
– खलघाट वादे- 1 दिसंबर 2025 के आंदोलन में सरकार द्वारा किए गए वादों की तत्काल पूर्ति हो।
– मूंग खरीदी- मूंग की फसल तैयार है, अत: समय रहते सरकारी खरीदी की व्यवस्था हो।
– खाद कोटा- प्रति हेक्टेयर खाद की मात्रा बढ़ाकर 1.50 क्विंटल डीएपी व 2.50 क्विंटल यूरिया की जाए।
– पूर्ण कर्जमुक्ति- प्रदेश के समस्त किसानों को पूर्ण रूप से कर्ज मुक्त किया जाए।
– दूध का दाम- दूध के दाम 10 रुपए प्रति फैट हो व 5 रुपए प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि तुरंत मिले।
– राजस्व सुधार- जमीन बंदोबस्त की त्रुटियों को सामूहिक स्तर पर शासकीय व्यय पर सुधारा जाए।
– अधिग्रहण मुआवजा- टावर लाइन, पाइप लाइन या रोड हेतु कृषि भूमि अधिग्रहण पर बाजार भाव से 10 गुना मुआवजा मिले।
– नामांतरण- फौती नामांतरण में बहनों की स्पष्ट इच्छा के बिना नाम न जोड़े जाएं, ताकि विवाद व भ्रष्टाचार रुके।
– बिजली विभाग- विद्युत विभाग की मनमानी और अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए।
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