
इंदौर। प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब नेताओं की नौटंकी शुरू हो गई है। कोई ई-रिक् शा में बैठकर फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करवा रहा है, तो साइकिल चलाने, ईवी वाहन के इस्तेमाल के साथ सिटी बस में यात्रा करने का त्याग ईंधन बचाने के लिए कर रहा है। हालांकि ये सारी नौटंकी दो-चार दिन की है। कल रालामंडल फ्लायओवर पर यातायात शुरू करने के दौरान भी इंदौरी नेता वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे और नारियल फोड़ा।वो मंत्री या नेता ही क्या, जिसके पीछे कार्यकर्ताओं की फौज और वाहनों का काफिला ना हो, क्योंकि उसी से सत्ता का रसूख नजर आता है। अभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सालभर तक सोना ना खरीदने के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल बचाने की भी अपील की।
हालांकि उसके अगले ही दिन 700 वाहनों का काफिला लेकर पदभार ग्रहण करने की जानकारी भी सामने आई। जब मीडिया में किरकिरी हुई तो अन्य निगमों-खादी ग्रामोद्योग से लेकर अन्य पदाधिकारी ई-श्रिाा में बैठकर नौटंकी करते नजर आए। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्रसिंह तोमर ई-स्कूटी से पहुंचे तो उनकी वीडियो रील बनाने वाली टीम कार में नजर आई। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने भी अपने कारकेट में ही 8 वाहन शामिल करने और रैलियां ना करने की अपील नवनियुक्त निगम मंडल पदाधिकारियों और मंत्रियों से की। दूसरी तरफ इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी सप्ताह में एक दिन लोक परिवहन का उपयोग करने के साथ एक दिन नो कार डे मनाने का भी आव्हान जनता से किया है और कार पुलिंग भी अपनाई जाए। सांसद भी एक दिन अपने काम ईवी से करेंगे, तो विधायकों ने भी तेल बचाने के ऐसे उपाय बताए। दूसरी तरफ रालामंडल फ्लायओवर पर यातायात कल से शुरू किया गया, तो उसका नारियल फोडऩे यानी शुभारंभ के लिए सांसद, विधायक और अन्य नेता वाहनों का काफिला लेकर पहुंचे। आतिशबाजी, शंखनाथ भी हुआ। हालांकि अर्जुन बड़ौद के बाद रालामंडल फ्लायओवर पर यातायात शुरू होने से बायपास के चौपट यातायात में काफी हद तक राहत भी मिली है।
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