
इंदौर। पेट्रोल-डीजल संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों राष्ट्रव्यापी अपील की थी, जिसका स्वत: पालन सभी को करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता ऐसा आचरण करें जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए। दरअसल, नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, प्राधिकरण और आयोग के अध्यक्षों ने पदभार ग्रहण करने के दौरान वाहनों का काफिला निकाला, जिसकी तीखी आलोचना हुई और दिल्ली दरबार ने भी नाराजगी व्यक्त की, जिसके चलते सत्ता संगठन को नोटिस देने सहित अन्य कार्रवाई भी करना पड़ी, जिसके जवाब में अजीबो गरीब तर्क भी इन अध्यक्षों ने दिए। इन्होंने कहा कि वे तो सीमित वाहन लेकर ही निकले और रैलियां नहीं निकाली। मगर जो फोटो-वीडियो वायरल हुए उसमें सडक़ों पर चल रहे अन्य वाहनों को भी शामिल कर काफिला बता दिया गया। उधर, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हमें बड़े दुखी मन से ऐसे मामलों में छोटी-मोटी कार्रवाई करना पड़ती है।
फिजुलखर्ची और ईंधन की बचत करने की होड़ के चलते इन दिनों नेताओं द्वारा नौटंकियां भी कम नहीं की जा रही है। ई-रिक्शा, बस, ट्रेन, दुपहिया से लेकर साइकिल की सवारी करते हुए फोटो-वीडियो-रील जारी की जा रही है। दूसरी तरफ जनता का कहना है कि यह सिर्फ चार दिन की नौटंकी है। सारे वीआईपी अधिक वाहनों का इस्तेमाल करते रहते हैं। दूसरी तरफ कल भोपाल में 63 नवनियुक्त पदाधिकारियों को भाजपा सत्ता-संगठन ने प्रशिक्षण दिया, जिसमें वित्तीय प्रबंधन, फिजुलखर्ची पर अंकुश के साथ उनकी विभागीय जिम्मेदारी की भी जानकारी दी गई। इसमें अफसरों से टकराव टालने और टीम भावना के साथ काम करने की बात कही गई। वहीं अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने कहा कि पिछले दिनों कुछ बयानबाजी, वाहनों के काफिले से लेकर जो अन्य घटनाएं हुईं उसके चलते संगठन को छोटी-मोटी कार्रवाई बड़े दु:खी मन से करना पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं और अपनी ताकत का इस्तेमाल आम जनता और कार्यकर्ताओं की जरूरतों को पूरा करने में किया जाए। आप सभी पदाधिकारियों को योग्यता के चलते ही पार्टी ने ये जिम्मेदारी सौंपी है।
लिहाजा उसका इस्तेमाल संगठन की अपेक्षाओं के अनुरूप किया जाए। कई बार दुखी मन से छोटी-मोटी कार्रवाई करनी पड़ती है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, जिसे अनुशासन और नवाचारों के जरिए पूरा किया जा सकता है। सभी नवनियुक्त पदाधिकारी टीम भावना के साथ काम करें और अफसरों के साथ टकराव ना होने दें, ताकि उनकी संस्था के साथ-साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर और कार्यकुशल बनाने में मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार-प्रसार और अन्य चीजों से बचना चाहिए। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। इसलिए अपने निगम, मंडल या प्राधिकरण में किसी भी प्रकार के कदाचार को बर्दाश्त ना करें और ऐसे काम तथा ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंचती हो। वहीं प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि आपकी रोज की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को मिलेगी और आपसे संस्था को फायदा या नुकसान हो रहा है, आपका आचरण कैसा है, परिवार का कितना इन्वॉल्मेंट है, इन सबका आंकलन सत्ता के साथ-साथ संगठन भी करेगा। अपने सोशल मीडिया अकाउंट को भी एक्टिव रखें और राष्ट्रीय नेतृत्व जो निर्देश दे उसका तुरंत पालन करें और सादगी से रहें। एक साथ इतनी नियुक्तियां देश के किसी भी राज्य में आज तक नहीं हुई जितनी पिछले दिनों मध्यप्रदेश में हुई है। वहीं काफिला निकालने वाले अध्यक्षों ने भी अपनी सफाई में अजब-गजब तर्क रखे और वायरल वीडियो और फोटो को ही झूठा बता दिया।
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