
नई दिल्ली।भारत(India) के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister, Narendra Modi)को एक और अंतरराष्ट्रीय(international)सम्मान प्राप्त हुआ है। नॉर्वे ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’(Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit) से सम्मानित किया है। यह सम्मान नॉर्वे का शीर्ष नागरिक अलंकरण माना जाता है, जो असाधारण सेवा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है।
इस सम्मान के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को अब तक मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। यह उपलब्धि उनके वैश्विक कूटनीतिक और राजनयिक संबंधों में बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाती है।
नॉर्वे के रॉयल हाउस की आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार, यह ऑर्डर 1985 में किंग ओलाव V द्वारा स्थापित किया गया था। इसे उन विदेशी और नॉर्वेजियन नागरिकों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने नॉर्वे या मानवता के हित में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि यह उनकी नॉर्वे की पहली यात्रा है और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह देश का पहला दौरा भी है। ओस्लो पहुंचने पर उनका स्वागत नॉर्वे के प्रधानमंत्री और शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया गया।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 19 मई को आयोजित होने वाले तीसरे नॉर्डिक-इंडिया समिट में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में भारत और नॉर्डिक देशों डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
यह शिखर सम्मेलन पहले स्टॉकहोम (2018) और कोपेनहेगन (2022) में हो चुके सम्मेलनों की कड़ी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना है।
विदेश मंत्रालय ने इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, हरित तकनीक और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देगा। इसके साथ ही भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच आर्थिक साझेदारी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह दौरा न केवल भारत-नॉर्वे संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को भी और मजबूत करता है।
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