
इंदौर। इंदौर (Indore) से बस (Bus) द्वारा दिल्ली (Delhi) जा रहे 28 नागरिकों की जान उस समय खतरे में पड़ गई, जब चलती बस का टायर (tire) निकल गया और ड्राइवर उसी हालत में बस को आगे चलाता रहा। यात्रियों के शोर मचाने पर ड्राइवर ने गाड़ी रोकी। यदि यह बस थोड़ी और दूर इसी तरह से चल जाती तो पलट जाती और बड़ा हादसा हो जाता।
इंदौर के हंस ट्रेवल्स की बस कल शाम को इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। यह बस स्लीपर कोच होकर एयर कंडीशन है। इस बस से यात्री दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। ग्वालियर से 70 किलोमीटर पहले जब यह बस चल रही थी, उसी समय पर बस का एक टायर निकल गया। ड्राइवर ने इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया। वह बस को अपनी गति से आगे बढ़ाता रहा। इसके बाद 3 किलोमीटर और चलने पर बस का दूसरे पहिए का एक टायर भी निकल गया और बस घसीटने लगी। बस में सवार यात्री उछलने लगे। ऐसे में यात्रियों ने शोर मचाया तो बस चालक ने बस रोकी। यदि इस बस को रोका नहीं जाता और यह कुछ देर तक और इसी हालत में चलती तो संभव है कि बस पलट जाती और बड़ी घटना हो जाती। इस बस में सवार टेंट व्यवसायी संजय कोठारी ने बताया कि इस घटना के बाद हमने हंस ट्रेवल्स के नितिन से संपर्क किया तो वह कुछ मदद करने की स्थिति में नहीं थे। यह घटना रात करीब 3.30 बजे हुई। स्थानीय पुलिस मौके पर आ गई थी और उनके द्वारा सहयोग किया गया। उसके बाद से सभी यात्री उसी स्थान पर जंगल में ही सड़क के किनारे खड़े रहे। सुबह करीब 6.30 बजे हंस ट्रेवल्स की एक बस उस क्षेत्र से गुजर रही थी तो पुलिस ने इस बस को रोक कर इन सभी यात्रियों को वहां से ग्वालियर भिजवाया। सुबह जाकर हंस ट्रेवल्स की ओर से कहा गया कि हम किसी बस का अरेंजमेंट करते हैं, तब तक आप लोग ग्वालियर में ही रुके रहिए। बस में इंदौर के 28 यात्री सवार थे। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी बस में थे।
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