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कृषि कानून रद्द नहीं होने तक घर नहीं लौटेंगे किसान, सरकार कर रही गुमराह : अनिल नांदल

रोहतक। किसान संगठनों की बैठकमें सरकार पर किसान आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए महापंचायत को सफल बनाने को लेकर विचार विमर्श किया गया। भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष अनिल नांदल ने कहा कि केन्द्र सरकार को सिर्फ अपने चहेते पूंजीपति साथियों की चिंता है, जबकि देश का अन्नदाता पिछले ढाई महीने से सडक़ों पर रात गुजारने पर मजबूर है। सरकार राजधर्म निभाने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है।

उन्होंने साफ साफ कहा कि जब तक केन्द्र सरकार तीन काले कानूनों को वापिस नहीं लेती, एमएसपी पर खरीद गारंटी कानून नहीं बनाती और किसानों पर झूठे दर्ज मुकदमे वापिस नहीं लेती तब तक किसान घर नहीं लौटेगे। अनिल नांदल ने चेतावनी दी कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले, अन्यथा सरकार को भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेगे। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबुतरे पर सर्वखाप महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अलग अलग प्रदेशों से किसान संगठनो के पदाधिकारी व खाप के लोग शामिल होगे और सरकार के खिलाफ अहम निर्णय लिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अलग अलग किसान संगठनों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है, जो गांव गांव जाकर लोगों को इन काले कानूनों के बारे में अवगत करा रही है। उन्होंने दावा किया कि महम में होने वाली महापंचायत के बाद सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। साथ ही सरकार पर किसान आंदोलन को तोडऩे का भी आरोप लगाया और कहा कि सरकार के किसी भी षडयंत्र को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावा मकडोली, मदीना, रोहद व डीघल टोल पर भी किसानों का धरना जारी है। (एजेंसी, हि.स.)

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