
नई दिल्ली । सपा प्रमुख अखिलेश यादव (SP chief Akhilesh Yadav) ने कहा कि भाजपा सरकार (BJP Government) महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन कर रही है (Is doing Delimitation under the guise of Women Reservation) ।
समाजवादी पार्टी के सांसद और अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा, “भारतीय जनता पार्टी के फैसलों को समझना बहुत मुश्किल है। जब उन्होंने कहा था कि एसआईआर होगा और वोटरों के नाम हटाए जाने से रोके जाएंगे, उस समय एसआईआर की आड़ में एनआरसी लागू किया जा रहा था। अब महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन कर रहे हैं।
अखिलेश ने कहा, “हम ‘डबल-इंजन सरकार’ मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात कर रहे हैं। हालांकि, नोएडा में न्यूनतम मजदूरी देश में सबसे कम में से एक बनी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? मजदूरों की मजदूरी क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है? इसे कौन रोक रहा है? इसका मतलब है कि आप कुछ खास लोगों के साथ मिले हुए हैं और सिर्फ उन्हीं को फायदा पहुंचाना चाहते हैं।”
वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जब आपकी सरकार 2024 में बनी, तो आपने जनगणना तुरंत क्यों शुरू नहीं कराई? इसके लिए ढाई साल का इंतजार क्यों किया?” उन्होंने आरोप लगाया कि अब बिना जरूरी आंकड़ों के महिला आरक्षण लागू करने की जल्दबाजी दिखाई जा रही है। डिंपल यादव ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि भाजपा परिसीमन का इस्तेमाल खुद को मजबूत करने के लिए करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना को इस प्रक्रिया से हटाने की कोशिश इसलिए की जा रही है, ताकि ओबीसी महिलाओं को आरक्षण न दिया जा सके।
डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूपी में गांव-गांव में प्राइमरी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं की प्रगति पर असर पड़ेगा। उन्होंने उन्नाव कांड में कुलदीप सिंह सेंगर का जिक्र किया और मणिपुर की घटनाओं पर भी सवाल उठाए। साथ ही उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन मामलों पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
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