
भाजपा कार्यालय पर चल रहा है अंतिम दौर का मंथन, जिला प्रभारी ने डेरा डाला, दीनदयाल भवन पर बढऩे लगी दावेदारों की संख्या
इंदौर। भाजपा (BJP) संगठन में जुलाई माह महत्वपूर्ण रहने वाला है। संगठन इस माह में अपनी सभी संगठनात्मक नियुक्तियों (Organizational appointments) का दौर पूरा कर लेगा। इन नियुक्तियों के लिए पैनलों को पहुंचाने के जिला सभी जिलों में अंतिम दौर का मंथन चल रहा है। इंदौर (Indore) में भी भाजपा के अध्यक्षों ने संभावित नामों की पैनल लगभग तैयार कर ली है और उसे जिला प्रभारी के माध्यम से भोपाल एक सप्ताह में भेजी जाना है। इसको देखते हुए दावेदारों की चहल-पहल भी भाजपा कार्यालय पर दिखाई देने लगी है, जहां जिला प्रभारी डेरा डाले हुए हैं।
इंदौर सहित प्रदेश के अधिकांश शहरों में अभी जिला स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हुई है। इसका कारण एक तो दावेदारों की बढ़ती संख्या है और दूसरा पार्टी द्वारा दिए गए अभियानों को पूरा करने के कारण नगर संगठन के पास समय नहीं है, लेकिन अब कार्यक्रमों का आखिरी पखवाड़ा चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद नियुक्तियों का दौर शुरू हो जाएगा। इसके लिए पिछले एक-दो दिनों से नामों की पैनल तैयार करने की कसरत की जा रही है। शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह चावड़ा विभिन्ऩ मोर्चा-प्रकोष्ठों के नामों की पैनल फाइनल करने में लगे हैं। हालांकि उन लोगों का नाम पैनल में पहले नंबर पर लिखा जा रहा है, जिसे संगठन द्वारा पसंद किया जा रहा है। भाजपा में कुल 7 मोर्चा हैं, जिनमें युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा शामिल हैं। शुरुआती दौर में युवा और महिला मोर्चा को वरीयता दी जा सकती है, क्योंकि इनके प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति को एक लंबा समय हो गया है और वे अभी एक भी जिले के अध्यक्ष घोषित नहीं कर पाए हैं। सबसे आगे किसान और अनुसूचित जाति मोर्चा है, जिन्होंने अधिकांश जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, लेकिन बड़े शहर अभी भी लंबित हैं। दीनदयाल भवन पर संभावित पैनल की तैयारियों के दौरान ही दावेदारों की आवाजाही बढ़ गई है। पिछले दो दिन से नगर प्रभारी राजेश सोलंकी भी कार्यालय में ही डेरा डाले हुए हैं और अधिकांश दावेदार उनके सामने अपनी दावेदारी जताने आ रहे हैं। वैसे इंदौर का फैसला प्रदेश से होना है, लेकिन नगर अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी जिसे चाहेंगे, वही मोर्चा और प्रकोष्ठ की बागडोर संभालेगा।
युवा मोर्चा की सूची पर है घमासान
सबसे ज्यादा घमासान युवा मोर्चा की सूची पर है। इसमें एक अनार सौ बीमार वाली कहावत साबित हो रही है। शहर और जिले में बराबरी के दावेदार हैं तो एक दावेदार ने पिछले दिनों प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के इंदौर आगमन पर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया था, ताकि वे टेलर की नजरों में चढ़ सके। इसके अलावा कुछ नए नाम भी पैनल में आने को आतुर हैं और वे अपने-अपने हिसाब से दावेदारी कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने ब्राह्मण वर्ग से ही अध्यक्ष बनाने की तैयारी कर ली है, लेकिन कुछ विरोधी इसको लेकर लामबंद हो चुके हैं और वे किसी भी स्थिति में ब्राह्मण वर्ग से मोर्चा अध्यक्ष को आने नहीं देना चाहते हैं। उनका कहना है कि युवा मोर्चा का जिस तरह से कबाड़ा हो रहा है, वैसा अब नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह पार्टी की यूथ विंग के रूप में काम करता है और सबसे आगे खड़ा रहता है।
महिला मोर्चा की आ सकती है सूची
सूत्रों का कहना हैकि पहले दौर में महिला मोर्चा की सूची कभी भी घोषित की जा सकती है। इसको लेकर भोपाल में तैयारी जारी है। मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे का जिलों का दौरा भी पूरा हो गया है और वे भी अंतिम सूची फाइनल करने में लगी हैं। इंदौर में महिला मोर्चा से कोई भी नाम मजबूती के तौर पर नहीं उभरा है। देखना यह है कि पाोवाटर बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर की नई तकनीक से सडक़ें सुधारेंगे
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