इंदौर

इंदौर में भी डेल्टा+ से निपटने के उपाय, 150 सैम्पलों की रिपोर्ट का भी इंतजार

अप्रैल और मई में जिस डेल्टा वायरस ने मचाया था कहर, वही म्यूटेड हुआ… होम आइसोलेशन के बजाय अस्पतालों या सेंटर में करेंगे भर्ती
इंदौर।
एक तरफ तेज गति से वैक्सीनेशन (Vaccination) इंदौर में कराया जा रहा है, तो अब डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus Variant) का हल्ला मच गया है। दरअसल अप्रैल और मई माह में इंदौर सहित देश के अधिकांश शहरों में जिस कोरोना वायरस (Corona Virus) ने कहर मचाया वह डेल्टा ही था, जो और म्यूटेड होकर अब डेल्टा प्लस (Delta Plus) में परिवर्तित हो गया है। हालांकि इंदौर (Indore) में घोषित तौर पर इसका कोई मरीज नहीं मिला है। मगर भोपाल (Bhopal) में दो साल की बच्ची और उज्जैन में एक महिला की इससे मौत हो गई। अभी तक आधा दर्जन मरीज सामने आए हैं। लिहाजा इंदौर में भी सतर्कता बरतना शुरू कर दी है और पूर्व में जो 150 सैम्पल जिनोम सिक्वेंसिंग के मेडिकल कॉलेज ने भेजे थे उनकी जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। संभव है नए सैम्पल भी लेकर भेजे जाएं। अब प्रशासन होम आइसोलेशन की बजाय अस्पतालों और सेंटरों में ही कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करेगा।

वैक्सीनेशन (Vaccination) का फायदा भी इंदौर को मिलेगा। हालांकि अभी पहला डोज ही अधिकांश लोगों को लगा है और कोविशिल्ड का दूसरा डोज 84 दिन बाद लगेगा। लिहाजा उसमें बहुत समय है। दूसरी तरफ डेल्टा+ वैरिएंट को लेकर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है, क्योंकि यह भी अति संक्रमित और घातक बताया जा रहा है, क्योंकि म्यूटेशन के पहले जो वायरस दूसरी लहर में कहर बनकर आया वह डेल्टा ही था। लिहाजा इंदौर में इसको लेकर अब विशेष सावधानी और सतर्कता बरती जा रही है। कलेक्टर मनीष सिंह (Collector Manish Singh) ने कहा है कि इंदौर जिले में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरियंट (Delta Plus Variant) की आशंकाओं को देखते हुये विशेष प्रबंध किये जा रहे है। जिले में विशेष सावधानी और सतर्कता रखी जा रही है। जिले में हरेक कोरोना पॉजिटिव मरीज को गंभीरता से लेकर उसे कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया जा रहा है। संबंधित मरीज के घर को कन्टेनमेंट झोन बनाकर उनके परिजनों को निर्धारित समय में आयसोलेशन में रखा जाएगा। संबंधित मरीज के संपर्क में आने वाले परिजनों और साथियों की ट्रेसिंग कर उन सभी की सैपलिंग कराई जायेगी। कलेक्टर ने बताया कि जिले में भले ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम हो रही है, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर विशेष सावधानी एवं सतर्कता रखी जा रही है। सभी अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार आदि को निर्देश दिये गये है कि वे प्रतिदिन पूर्वान्ह में टीकाकरण और कोविड मैनेजमेंट पर ध्यान दें। इस संबंध में क्षेत्र का सतत भम्रण कर निगरानी रखें। अपरान्ह में वे राजस्व संबंधी कार्यों को निराकृत करें।

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