
नई दिल्ली। उत्तराखंड (Uttarakhand) में लगातार हो रही मानसूनी बारिश (Monsoon Rain) जनजीवन पर भारी पड़ रही है। मूसलाधार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन (Landslide) की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ों से चट्टानें खिसकने और मलबा आने से कई सड़कें बंद (Roads closed) हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, लगातार हो रही बारिश के चलते अलकनंदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और वे उफान पर हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल 32 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने के कारण बंद हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित मार्गों से मलबा और चट्टानें हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि जल्द से जल्द यातायात सामान्य किया जा सके। संबंधित विभागों की टीमें लगातार राहत एवं सड़क साफ करने के कार्य में जुटी हुई हैं।
मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के मुताबिक सबसे अधिक 107 मिमी बारिश पंतनगर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चोरगलिया में 79.5 मिमी, रुद्रपुर में 43.5 मिमी, यमकेश्वर में 38 मिमी और किच्छा में 32.5 मिमी वर्षा हुई। खानपुर में 27 मिमी, जबकि देहरादून और लक्सर में 19-19 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वहीं, हाथीबड़कला में 15 मिमी, पिथौरागढ़ में 8.9 मिमी और लोहाघाट में 8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है।
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