भोपाल

लोगों से पूछकर उनके लिए योजनाएं बनाती है मप्र सरकार

  • जिससे दूसरों का भला हो वही सुशासन : शिवराज

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गुड गवर्नेंस वह है, जिससे दूसरों का भला हो और किसी को तकलीफ न हो। उन्होंने कहा कि शरीर को कोई कष्ट न हो और लोग आनंद से जी सकें, यही सुशासन है। राम राज्य का मतलब भी गुड गवर्नेंस ही है। लोकतंत्र में जनता का शासन होता है, मप्र में जनता से पूछकर जनता के लिए योजनाएं बनती है। लाड़ली लक्ष्मी समेत अन्य योजनाएं जनता से पूछकर ही बनी हैं। मुख्यमंत्री ने मिंटो हॉल में मध्यप्रदेश सुशासन एवं डेवलपमेंट रिपोर्ट और सुशासन डायजेस्ट पत्रिका के विमोचन समारोह में यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की बुनियादी जरूरतें रोटी-कपड़ा और मकान पूरी करने, मन और बुद्धि का सुख देने के साथ आनंद के लिए साधन जुटाने के कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिए हमने प्रदेश में विभिन्न पंचायतों का आयोजन किया। पंचायतों के बीच से यह आवाज आई कि जब तक बेटी को बोझ से वरदान नहीं बनाएंगे, तब तक बेटी को लोग आने नहीं देंगे। उसी सोच में से ‘लाड़ली लक्ष्मी योजनाÓ निकली। उन्होंने कहा कि मुझे कहते हुए गर्व है कि सेक्स रेशियो अब परिवर्तित हो रहा है। बेटियां जन्म ले रही हैं और बेटों की बराबरी से चल रही हैं।

स्व-सहायता समूह के माध्यम से बदलेंगे प्रदेश को
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह हमारा आत्मविश्वास है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हम प्रदेश को बदल देंगे। हमारा लक्ष्य है स्वास्थ्य और शिक्षा में बेहतर सुधार करना। उन्होंने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद को हम क्रियान्वित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग अब गेहूँ नहीं, मोटा अनाज खाना चाहते हैं। हमें मोटे अनाज के उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शोध अगर लोगों तक नहीं जाये, तो उसका कोई फायदा नहीं है।

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