जीवनशैली स्‍वास्‍थ्‍य

फर्श पर सोने से बॉडी पोस्चर रहता है सही, होते हैं ये 3 फायदे, लेकिन ना सोएं ये लोग


डेस्क: अधिकतर लोग बेड पर मोटे-मोटे गद्दे लगाकर सोते हैं. कुछ गद्दे ऐसे होते हैं, जो आरामदायक नहीं होते हैं, जिससे पीठ, कमर, गर्दन में दर्द की समस्या बढ़ जाती है. यदि आपको बेड पर सोने में समस्या होती है, तो कुछ दिन जमीन या फर्श पर सोकर देखें. आज भी छोटे शहरों, गांवों में ज्यादातर लोग फर्श पर चटाई बिछाकर सोते हैं. फर्श पर सोने के फायदे भी होते हैं, तो कुछ नुकसान भी. हालांकि, इसका एक सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि शरीर का पोस्चर सही रहता है. यदि आपको बेड पर सोने में तकलीफ हो रही है, किसी तरह की शारीरिक समस्या है, तो एक-दो दिन जमीन पर सोकर देखें, शायद आपको लाभ हो.

गर्मी में फर्श पर सोने से ठंडक हो महसूस
स्लीपफाउंडेशन डॉट ओआरजी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, गर्मी के दिनों में फर्श या जमीन पर सोने से नींद अच्छी आती है, क्योंकि फर्श या जमीन ठंडी होती है. यह शरीर की गर्मी को जल्दी कम कर देता है. खासकर गर्मी के महीनों में नीचे सोने से नींद अच्छी आती है. हालांकि, जिनके पास एसी, कूलर है, वो तो बेडरूम में बिस्तर पर ही सोना पसंद करते हैं. नीचे सोने की आदत उनके लिए बेहतर है, जो बिना कूलर, एसी के दिन बिताते हैं.


कमर दर्द से दिलाए छुटकारा
जिन लोगों को कमर या पीठ दर्द रहता है, उन्हें समतल जगहों (firm surface) पर ही सोना चाहिए. समतल जगह पर सोने से हो सकता है आपको दर्द से थोड़ा आराम मिल जाए. कुछ लोग ऐसे गद्दे पर सोते हैं, जो उनके शरीर के वजन के हिसाब से बहुत नर्म होते हैं. जब गद्दा बहुत नर्म होता है, तो आपका शरीर गद्दे पर फ्लैट या बिल्कुल समतल नहीं रह पाता है, जिससे पुअर स्लीप पोस्चर की समस्या बढ़ सकती है. ऐसी स्थिति में आपकी रीढ़ अलाइनमेंट से बाहर हो जाती है. इससे रीढ़ पर दबाव बढ़ा सकता है और पीठ दर्द शुरू हो सकता है.

पोस्चर में हो सकता है सुधार
फर्श पर सोने से बॉडी पोस्चर सही बनी रहती है. खराब पोस्चर में सोने से पीठ, कमर में दर्द की समस्या बढ़ जाती है. साथ ही कम लचीलापन, रीढ़ की हड्डी का गलत अलाइनमेंट और चोट लगने का खतरा भी बढ़ सकता है. बेहतर पोस्चर रीढ़ की प्राकृतिक वक्रता को सपोर्ट करता है. फर्श पर सोने से रीढ़ को सीधा रखना आसान हो सकता है, क्योंकि नर्म गद्दे में शरीर सीधा नहीं रह पाता है.

किन्हें नहीं सोना चाहिए जमीन पर
बुजुर्गों को फर्श पर सोने से बचना चाहिए. जिन लोगों को कुछ हेल्थ कंडीशन हो, जैसे चलने-फिरने में समस्या, हड्डियों से संबंधित समस्या, कमर एवं पीठ दर्द, एलर्जी आदि में फर्श पर ना सोएं. अर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस में नीचे सोना तकलीफ को बढ़ा सकता है. यदि आपको उठने-बैठने में परेशानी होती है, तो जमीन पर भूलकर भी ना सोएं. जमीन पर सोने की इच्छा हो, तो सबसे पहले फर्श को अच्छी तरह से साफ कर लें. इससे गंदगी, एलर्जन, बैक्टीरिया हट जाएंगे. आप जिस भी चटाई, मैट्रेस, बिस्तर को जमीन पर बिछाकर सोते हैं, उसे बीच-बीच में साफ करते रहें.

Share:

Next Post

महाराष्ट्र: अजान बनाम हनुमान चालीसा विवाद, सैकड़ों गिरफ्तार

Wed May 4 , 2022
सीआरपीएफ की 87 कंपनियां, होमगार्ड के 7 हजार जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात 855 कार्यकर्ताओं को नोटिस… 465 को मुंबई के बाहर भेजा मुंबई। महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर विवाद के चलते कई शहरों में भोंगों पर चालीसा पाठ करते राज ठाकरे के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं पूरे महाराष्ट्र में हाई अलर्ट घोषित किए […]