
इंदौर।बिजली चौबीसों घंटे वितरित होती है। मौसमी कारणों, प्राकृतिक कारणों एवं मनुष्य की लापरवाही से भी बिजली कई बार चली जाती है। टोल फ्री सौर ऊर्जा ऐप के माध्यम से शिकायतें हो रही हैं। बिजली कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को थोड़ा धैर्य रखने की भी जरूरत है। फिलहाल कई पक्षियों के कारण भी फाल्ट हो रहे हैं।
बिजली का वितरण सैकड़ों किमी के नेटवर्क से जुड़ा होता है। स्थानीय बिजली केंद्रों से आपके घर तक बिजली लगभग दो से चार किमी दूर से आती है। ऐसे में कहीं कोई पक्षी, सांप, गिलहरी, कबूतर, चमगादड़, तोते से भी कई बार फाल्ट हो जाते हैं। कई बार तो इन जीवों के मल-मूत्र के कारण दो तार आपस में संपर्क में आ जाते हैं, जिससे ट्रांजिट ट्रिपिंग हो जाती है। घर का पंखा पूरी तरह घूमना बंद नहीं होता है, उससे पहले वाट्सऐप, ट्विटर या अन्य माध्यमों से बिजली जाने की सूचना दे दी जाती है, जबकि ऐसे ट्रिपिंग में अधिकतम दो-तीन मिनट में बिजली प्रदाय सामान्य हो जाता है। पतंग की डोर, पेड़ों की टहनियां, होर्डिंग्स, तिरपाल, चद्दर इत्यादि बारिश के दिनों में तार के पास आने पर भी फाल्ट हो जाते हैं। इसके अलावा बहुत तेज हवा या बारिश में कुछ समय के लिए जान-माल की रक्षा के लिए भी बिजली केंद्र से प्रवाह बंद किया जाता है, ताकि लाइनों को नुकसान न पहुंचे। यदि कहीं कोई तार टकरा जाए या दुर्भाग्यवश टूट जाए तो किसी को जान पर खतरा न आए। मौसम में असामान्य बदलाव पर तीन सौ करोड़ का विमान भी तय कार्य नहीं कर पाता है। तय स्थान पर नहीं उतर पाता है, ऐसे में तेज हवा यानी आंधी-तूफान में कुछ मिनट के लिए बिजली जाने पर हंगामा कुछ समझ से परे जान पड़ता है।
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