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छावनी रोड बंद होने के बाद मधुमिलन से सरवटे बस स्टैंड तक होने लगा ट्रैफिक जाम

June 13, 2026

  • ट्राफिक पुलिस नदारद रहने के कारण कहीं से भी घुस आते हैं वाहन

इंदौर। छावनी रोड का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इधर-उधर से घूमने वाले वाहन चालकों ने आसपास के क्षेत्रों के यातायात का ऐसा कचूमर निकालकर रख दिया है कि इन बाजारों से निकलना आसान नहीं हो रहा है। खासकर मधुमिलन चौराहे से सरवटे बस स्टैंड तक का ट्रैफिक तो अकसर जाम रहने लगा है। वहीं वन-वे में घुसने वाले वाहन चालकों के कारण भी यहां दोनों ओर से वाहन आमने-सामने आ जाते हैं और लोग परेशान होते रहते हैं।

जब से छावनी सडक़ का निर्माण कार्य बंद हुआ है, मधुमिलन से छावनी चौराहे के रास्ते को बंद कर दिया गया है। नगर निगम चाहता तो सडक़ का एक हिस्सा चालू रखकर निर्माण कार्य कर सकता था, लेकिन दोनों ही ओर से सडक़ निर्माण किया जा रहा है। इस कारण इस सडक़ पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। वहीं छावनी से भी वाहन सीधे मधुमिलन न आते हुए नसिया होते हुए गलियों से निकलकर सरवटे या मधुमिलन चौराहे की ओर जा रहे हैं। वहीं मधुमिलन चौराहे से ग्वालटोली होकर सरवटे बस स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या भी अधिक है। सभी वाहन ग्वालटोली चौराहे पर आकर आपस में गुत्थमगुत्था हो जाते हैं और घंटों जाम की स्थिति बन जाती है।


  • वहीं पटेल प्रतिमा से ग्वालटोली की ओर भी वन-वे में वाहन घुस जाते हैं। पिछले 15 से 20 दिनों से यह परेशानी चल रही है। निगम ने परिवर्तित मार्ग से वाहनों को तो मोड़ दिया है, लेकिन यातायात पुलिस ने अभी तक यहां कोई व्यवस्था नहीं की है, ताकि यातायात सुव्यवस्थित चल सके। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक यहां यही स्थिति रहती है। बावजूद इसके न तो थाने से कोई पुलिस बल लगाया जाता है और न ही ट्रैफिक पुलिस इधर आती है।

    दवा बाजार के सामने वही आलम
    कुछ दिनों पहले दवा बाजार के सामने ट्रैफिक पुलिस ने नो पार्किंग में खड़ी कारों और दोपहिया वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई की थी, लेकिन इसका असर नहीं हुआ और यहां खरीदारी करने आए लोग सडक़ पर ही अपने वाहन खड़ा करके चले जाते हैं, जिससे सडक़ पर चलने वाले वाहनों को आधी ही सडक़ मिलती है और जाम लग जाता है। हर दिन शाम को 4 बजे से रात 9 बजे तक यही स्थिति रहती है, लेकिन यहां भी यातायात पुलिस द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे इस समस्या का स्थायी निदान हो सके।

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