
इंदौर। शहर के ऐतिहासिक राजबाड़ा के दरबार हॉल में अब पर्यटकों को पुराने समय की न्याय व्यवस्था और राजदरबार का जीवंत अनुभव मिलने वाला है। मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने यहां डिजिटल इमर्सिव एक्सपीरियंस विकसित करने के लिए टेंडर जारी किया है। बीते कई महीनों से विभाग इस हॉल को नए स्वरूप को देने में लगा हुआ है।
दरबार हॉल को उसी स्वरूप में, लेकिन आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटक खुद को होलकर काल के राजदरबार का हिस्सा महसूस कर सकें, इसलिए विशेष रूप से न्याय व्यवस्था के लिए लगने वाले दरबार का दृश्य, कार्यप्रणाली और माहौल डिजिटल माध्यम से दिखाया जाएगा। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इसके लिए एजेंसी की खोज शुरू कर दी है। इसके बाद इसके लिए कंटेंट तैयार किया जाएगा और फिर लाइट, साउंड, प्रोजेक्शन और इंटरएक्टिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर इतिहास को जीवंत रूप में दिखाएंगे। इससे पर्यटकों को ये एहसास होगा कि वे खुद दरबार में बैठे हैं। वे ये देख सकेंगे कि उस समय यहां किस तरह से दरबार लगता था, न्याय होता था और फैसले होते थे।
कोरियंथन पिलर्स के साथ बना है दरबार हॉल
राजबाड़ा का दरबार हॉल भी अपने आप में वैभव को समेटे है। ये राजबाड़ा की पहली मंजिल पर स्थित है, जो यूरोपियन शैली में तैयार किया गया था। यहां कोरियंथन पिलर्स है। पिछले 8 महीने से पर्यटन विभाग इसके पुराने वैभव को वापस लौटाने के लिए यहां 11 करोड़ में काम कर रहा है। यहां सीलिंग के साथ ही डेमैज पिलर्स, डेमैज डिजाइन से लेकर लाइट्स और झूमर तक बदले जाने हैं। सिंहस्थ से पहले इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
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