img-fluid

राम मंदिर ट्रस्ट में अंदरूनी खींचतान तेज! चंपत राय के पत्र के बाद बदलाव की चर्चा हुई तेज

July 09, 2026

नई दिल्ली । अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust)को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव*(Trust’s General Secretary) चंपत राय(Champat Rai) के दो दिनों के भीतर सामने आए पत्रों ने न केवल संगठन के भीतर हलचल बढ़ा दी है बल्कि संत समाज और रामभक्तों के बीच भी नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। लगातार हो रही बैठकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की सक्रियता ने इस बात के संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ट्रस्ट की व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि अब तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

सूत्रों के अनुसार चंपत राय के पत्र सार्वजनिक होने के बाद ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन और कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद कई प्रमुख संत महंत और ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ लोगों ने भी अलग अलग बैठकों में हिस्सा लिया। इन मुलाकातों को सामान्य प्रक्रिया से अलग माना जा रहा है क्योंकि इनका उद्देश्य ट्रस्ट में बने मौजूदा हालात पर चर्चा और आगे की रणनीति तय करना बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि महासचिव पद से हटाए जाने के बाद चंपत राय खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। हाल ही में जारी उनके पत्रों में भी उनकी पीड़ा झलकने की बात कही जा रही है। पत्रों के सार्वजनिक होने के बाद संगठन के भीतर यह कोशिश तेज हो गई है कि किसी तरह विवाद और अधिक न बढ़े तथा स्थिति को सामान्य बनाया जाए। इसी कारण लगातार संवाद और बैठकों का सिलसिला जारी है।

जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी चंपत राय से संपर्क किया है। उनसे संगठनात्मक मर्यादा बनाए रखने और पूरे मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने का आग्रह किया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास और तेज होगा।

इधर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी से कई प्रमुख संतों ने विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद संतों ने संकेत दिए कि निकट भविष्य में ऐसा परिवर्तन देखने को मिल सकता है जिसकी व्यापक स्तर पर सराहना होगी। संत समाज का कहना है कि राम मंदिर आंदोलन में संतों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है इसलिए ट्रस्ट की व्यवस्था में भी उनका प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि भविष्य में निर्णय प्रक्रिया में संतों की अधिक भागीदारी से संगठन और अधिक मजबूत होगा।


  • सूत्रों के अनुसार 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक से पहले संतों की एक बड़ी बैठक आयोजित की जा सकती है जिसमें देशभर से सैकड़ों संत और महंत शामिल हो सकते हैं। इस बैठक का उद्देश्य हाल के विवादों के बाद समाज में बने भ्रम को दूर करना और राम मंदिर ट्रस्ट के प्रति सकारात्मक संदेश देना बताया जा रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि कथित अनियमितताओं में पूरे ट्रस्ट की भूमिका नहीं बल्कि केवल कुछ व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है।

    फिलहाल अयोध्या में लगातार हो रही बैठकों और बढ़ी गतिविधियों ने यह साफ कर दिया है कि राम मंदिर ट्रस्ट आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर कुछ अहम फैसले ले सकता है। हालांकि इन बैठकों का अंतिम परिणाम क्या होगा और संभावित बदलाव किस रूप में सामने आएंगे इसका जवाब आने वाले समय में ही मिल सकेगा।

    Share:

  • प्रदेश तरबतर....10 फीसदी अधिक बारिश

    Thu Jul 9 , 2026
    भोपाल। मध्यप्रदेश (MP) में जून (June) माह में हुई कम बारिश (Rain) की भरपाई जुलाई के 8 दिनों में हो गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते मध्यप्रदेश में अब तक 10 फीसदी अधिक बारिश (10% excess rainfall) हो चुकी है। अच्छी बारिश के चलते किसानों में भी खुशी की लहर है। मानसून […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved