
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में हेलमेट (Helmet) चालान (Challan) को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया, जब एक संविदा बिजलीकर्मी के चालान से नाराज कर्मचारियों ने नगराम थाना और दो पुलिस चौकियों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। बताया गया कि संबंधित पुलिस प्रतिष्ठानों पर बिजली बिल का बकाया होने के कारण विभागीय प्रक्रिया के तहत आपूर्ति रोकी गई। घटना के बाद पुलिस (Police) और बिजली विभाग के अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और देर रात बिजली बहाल कराई गई।
जानकारी के अनुसार, समेसी उपकेंद्र पर कार्यरत संविदा कर्मचारी सोमवार शाम हाईटेंशन लाइन की पेट्रोलिंग के लिए बाइक से निकले थे। इसी दौरान नगराम-निगोहा मार्ग पर पुलिस की चेकिंग चल रही थी। जांच के दौरान हेलमेट न पहनने पर एक कर्मचारी का छह हजार रुपये का चालान किया गया। चालान होने के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने संबंधित पुलिस प्रतिष्ठानों के बकाया बिजली बिल की स्थिति की जांच शुरू कर दी।
विभागीय रिकॉर्ड में नगराम थाना, हरदोइया पुलिस चौकी और देवीखेड़ा पुलिस बूथ पर बिजली बिल बकाया होने की जानकारी सामने आने के बाद शाम के समय इन स्थानों की बिजली आपूर्ति रोक दी गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार नगराम थाने पर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये, जबकि दोनों पुलिस चौकियों पर करीब डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का बकाया दर्ज था। इसके आधार पर बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई।
थाने और पुलिस चौकियों की बिजली बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हलचल बढ़ गई। आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली। घटना के बाद संबंधित पुलिस अधिकारी और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के बीच संपर्क स्थापित किया गया ताकि स्थिति को जल्द सामान्य बनाया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगराम थाना प्रभारी ने चालान की परिस्थितियों की समीक्षा कराई। संबंधित दरोगा को फटकार लगाए जाने और चालान वापस कराने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई। इसके साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों ने दूसरे कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजा, जिसने देर रात बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू कराई। बिजली बहाल होने के बाद थाना और चौकियों का कामकाज सामान्य हो सका।
घटना के दौरान बिजली काटने वाले संविदा कर्मचारी का मोबाइल फोन बंद होने की भी जानकारी मिली, जिससे अधिकारियों को संपर्क स्थापित करने में कुछ समय लगा। इसके बाद वैकल्पिक टीम के माध्यम से तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी एकत्र कर आगे की आवश्यक कार्रवाई पर भी विचार शुरू किया।
राजधानी में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2019 में मलिहाबाद क्षेत्र में हेलमेट और वाहन दस्तावेजों को लेकर हुए चालान के बाद पुलिस थाने की बिजली काटे जाने का मामला चर्चा में रहा था। इसके अलावा वर्ष 2020 में गोमती नगर और आशियाना क्षेत्र में भी ट्रैफिक चालान के बाद पुलिस चौकी की बिजली आपूर्ति बकाया बिल के आधार पर रोके जाने की घटना सामने आई थी। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी विभागों के बीच समन्वय, बकाया भुगतान की व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं के संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।
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