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MP: “ये मेरी तीसरी पीढ़ी है जो इस स्कूल में पढ़ रही है”-पीटीएम में प्रमुख सचिव से बोलीं कलावती

भोपाल। “बड़ी मैडम जी, जे दीक्षा मेहरा मेरी पोती है। 10वीं में इसी स्कूल में पढ़ रही है। मैं खुद इसी स्कूल में तीसरी तक पढ़ी। इसके पापा अशोक मेहरा को मैंने यहीं पढाया और अब जे भी इतई जई स्कूल में पढ़ रही। आप लोग तो स्कूल खोलो, बच्चों को सुविधाएं दो। मास्साब मैडम लोग बच्चों के पढ़ाएं। बाकी ध्यान हमहोरे धर लेंगे।”

यह बातें छोटी सी चाय की दुकान चलाने वाली बुजुर्ग महिला कलावती मेहरा ने स्कूल प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरुण शमी से कही। प्रमुख सचिव गुरुवार को भोपाल के आनंद नगर में शासकीय उ.मा. विद्यालय में अभिभावक शिक्षक बैठक (पीटीएम) में अभिभावकों से चर्चा कर रही थीं।

दरअसल, मध्यप्रदेश के करीब एक लाख सरकारी स्कूलों में इन दिनों पीटीएम चल रही है। गुरुवार को पीटीएम का दूसरा था। कलावती मेहरा अपनी पोती कुमारी दीक्षा के साथ अभिभावक शिक्षक बैठक में सहभागिता के लिए पहुँची थीं। प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने कलावती की बातें ध्यान पूर्वक सुनी और अन्य अभिभावकों को कलावती जैसा ही शैक्षिक समर्थन प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

अभिभावक शिक्षक बैठकों के दूसरे दिन प्रमुख सचिव शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों का भम्रण कर विद्यार्थियों के अभिभावकों से चर्चा की और उन्हें बच्चों की शैक्षिक निरन्तरता बनाये रखने के लिये शासन द्वारा संचालित योजनाओं तथा प्रयासों की जानकारी दी। इसके साथ ही वर्तमान शैक्षणिक सत्र की शिक्षण पाठ्य योजना, अकादमिक योजना और उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों की जानकारियों से अवगत कराया।

प्रमुख सचिव शमी के साथ उप सचिव अनुभा श्रीवास्तव ने भी शासकीय उ.मा. विद्यालय, आनंद नगर में अभिभावकों से भेंटकर उन्हें बच्चों की शैक्षिक प्रगति में सहयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि कोविड संकट काल में बच्चे स्कूल से दूर रहे तो शासन ने उनकी शैक्षिक निरन्तरता के लिए “हमारा घर हमारा विद्यालय” कार्यक्रम के तहत रेडियो स्कूल, टीवी क्लासरुम साथ ही डिजीलेप कार्यक्रम का संचालन किया, जिसमें अभिभावकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जब कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूल प्रारंभ किए जा रहें हैं, तो अभिभावकों की भूमिका और अधिक बढ़ जाती है। आप बच्चों को अपनी सहमति देते हुए तय दिनों में नियमित स्कूल तो भेजें ही साथ ही उन्हें घर पर भी नियमित अध्ययन करने के लिए प्रेरित करें।

उल्लेखनीय है कि शासकीय विद्यालयों में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दृष्टि से मध्यप्रदेश की लगभग एक लाख शालाओं में 15 से 17 सितम्बर तक अभिभावक शिक्षक बैठकों का त्रि-दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। बुधवार, 15 सितम्बर को कक्षा 1 से 5 तथा कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के अभिभावकों को आमंत्रित किया गया था। वहीं दूसरे दिन गुरुवार को कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों को आमंत्रित किया गया। जो अभिभावक किन्हीं कारणों से इन दिनों में शाला नहीं पहुँच सकें हैं, वे 17 सितम्बर को भी अपनी सुविधा अनुसार शाला संचालन समय में शाला में आकर अपने बच्चे की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी शिक्षकों से प्राप्त कर सकेंगे। (एजेंसी, हि.स.)

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