
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में नारी शक्ति वंदन विधेयक 2026 (Nari Shakti Vandan Bill 2026) के पारित न हो पाने को लेकर दुख जाहिर किया। पीएम ने इसके लिए महिलाओं (Women) से माफी मांगी और कहा कि कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के विरोध की वजह से यह सुधार लागू नहीं किया जा सका। पीएम ने कहा कि विपक्ष अपनी गलती की कीमत चुकाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार आगे महिला आरक्षण लागू करने का प्रयास जारी रखेगी।
गौरतलब है कि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक पारित नहीं हो पाए थे। इसके बाद पीएम मोदी ने शनिवार को कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लिया और इसे विपक्ष की बड़ी गलती करार दिया था। पीएम ने राष्ट्र के नाम संबोधन में एक बार फिर महिला आरक्षण के लिए सरकार की ओर से की गई कोशिशों का जिक्र किया और इसके पारित न हो पाने को लेकर रोष जाहिर किया।
आइये जानते हैं कि पीएम मोदी ने इससे पहले कब-कब और किन मुद्दों पर राष्ट्र को संबोधित किया है?
8 नवंबर 2016: नोटबंदी का एलान
इस तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में भारत में नोटबंदी की घोषणा की थी। पीएम ने रात 8 बजे देशवासियों को संदेश में कहा था कि 8 नवंबर 2016 की आधी रात (12 बजे) से 500 और 1000 रुपये के मौजूदा करेंसी नोट कानूनी निविदा नहीं रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह कदम काला धन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
31 दिसंबर 2016: गरीबों और किसानों के लिए योजनाएं
31 दिसंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया था। यह संबोधन 8 नवंबर 2016 को की गई नोटबंदी (500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने) के बाद 50 दिनों की अवधि पूरी होने के अवसर पर था। पीएम मोदी ने नोटबंदी के फैसले के बाद देशवासियों द्वारा दिखाए गए ‘अभूतपूर्व धैर्य’ और ‘सच्चाई’ का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं।
इसके साथ ही पीएम ने गरीबों और किसानों के लिए कई योजनाओं का एलान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत गरीबों के लिए आवास पर ब्याज में छूट की घोषणा की। पीएम ने तीन करोड़ किसानों को रूपे डेबिट कार्ड देने की घोषणा, ताकि वे आसानी से लेनदेन कर सकें। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू की गई, जिसमें उनकी मदद के लिए छह हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया। पीएम ने इस संबोधन में डिजिटल इंडिया पर जोर दिया और भीम एप का जिक्र किया। साथ ही लोगों से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की अपील की।
27 मार्च 2019: मिशन शक्ति की सफलता का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में मिशन शक्ति की ऐतिहासिक सफलता की घोषणा की। इस मिशन के तहत भारत ने एंटी-सैटेलाइट मिसाइल से अंतरिक्ष में 300 किमी दूर पृथ्वी की निचली कक्षा (लोअर अर्थ ऑर्बिट) में एक सक्रिय उपग्रह को सफलतापूर्वक मार गिराया। भारत ने अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष में उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल की और यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन गया। मिशन शक्ति पूरी तरह से स्वदेशी था, जिसे डीआरडीओ (DRDO) के वैज्ञानिकों ने बेहद कम समय में पूरा किया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह परीक्षण किसी देश के खिलाफ नहीं था, बल्कि भारत की सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किया गया था।
8 अगस्त 2019: जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370, धारा 35ए को निष्प्रभावी करना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए को निष्प्रभावी करने के ऐतिहासिक फैसले के बाद राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने इस कदम को एक राष्ट्र, एक संविधान की दिशा में आवश्यक बताया और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विकास, सुशासन, सुरक्षा और रोजगार के नए युग का भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही संसद में इस कदम को लेकर जानकारी दे चुके थे और पीएम ने इस कदम को लेकर देशवासियों को बेहतर भविष्य का भरोसा दिया।
19 मार्च 2020: कोरोनाकाल के दौरान जनता कर्फ्यू का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनाकाल में पहला संबोधन 19 मार्च 2020 को दिया था। यह वह समय था, जब दुनियाभर में कोरोनावायरस का प्रकोप बढ़ रहा था और भारत में भी कुछ संक्रमित सामने आ गए थे। उस दौरान उन्होंने 29 मिनट का भाषण दिया था। पीएम मोदी ने 22 मार्च 2020 यानी रविवार को जनता कर्फ्यू का एलान किया था।
24 मार्च 2020: लॉकडाउन का किया एलान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनाकाल में 24 मार्च 2020 को दूसरी बार देश को संबोधित किया। उस दौरान उन्होंने 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया। साथ ही, देश की आम जनता से अपने-अपने घरों में रहने की अपील की थी।
3 अप्रैल 2020: कोरोनाकाल के दौरान दीयों-मोमबत्ती से रोशनी का दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2020 के दौरान तीसरी बार तीन अप्रैल को जनता से रूबरू हुए थे। उस दौरान उन्होंने 12 मिनट का भाषण दिया था और लोगों से 9 अप्रैल को ठीक रात 9 बजे 9 मिनट तक लाइटें बंद रखने की अपील की थी। इस दौरान पीएम ने लोगों से मोमबत्ती और दीयों से रोशनी कर घरों को रोशन करने का संदेश दिया था।
14 अप्रैल 2020: लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का किया एलान
देश में पहले लॉकडाउन के 21 दिन पूरे होने से पहले 14 अप्रैल 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र ने देश को संबोधित किया। उस दौरान उन्होंने 25 मिनट तक लोगों से बातचीत की और 3 मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया।
12 मई 2020: कोरोनाकाल के बीच आत्मनिर्भर भारत के लिए पैकेज का एलान
पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 मई 2020 को कोरोनाकाल में देश को पांचवीं बार संबोधित किया। उस दौरान उन्होंने 33 मिनट का भाषण दिया। साथ ही, आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया।
30 जून 2020: लॉकडाउन से अनलॉक का खाका रखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 जून 2020 को एक बार फिर आम जनता से रूबरू हुए। उस दौरान उन्होंने 17 मिनट के भाषण में गरीबों के लिए शुरू की गई मुफ्त अन्न योजना को नवंबर 2020 तक बढ़ाने का एलान किया। साथ ही, देश में लगे लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलने के बारे में भी जानकारी दी।
20 अक्तूबर 2020: कोरोनाकाल में वैक्सीन की तैयारी को लेकर बंधाया ढांढस
पीएम मोदी ने कोरोनाकाल एक बार फिर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन खत्म हो गया है, लेकिन कोरोनावायरस का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने त्योहारों के मौसम में लोगों से सतर्कता न कम करने और आत्मसंतोष से बचने की अपील की। उस दौरान उन्होंने लोगों को जागरूक किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। मास्क पहनना, दो गज की दूरी और साबुन से हाथ धोना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार वैक्सीन के लिए बहुत तत्परता से काम कर रही है और जब भी टीका आएगा, वह हर भारतीय तक पहुंचे, इसके लिए प्रयास जारी हैं।
20 अप्रैल 2021: कोरोना की दूसरी लहर के बीच सावधानी बरतने की सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2021 में कोरोनाकाल के दौरान ही आठवीं बार देश को संबोधित किया। यह उनका साल 2021 का पहला राष्ट्र के नाम संबोधन था। यह वह समय था, जब कोरोनावायरस की दूसरी लहर से देश में स्थिति गंभीर हो चुकी थी। उस दौरान 19 मिनट के भाषण में उन्होंने राज्यों से कहा कि देश को लॉकडाउन से बचाना है। सरकारें इसे आखिरी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करें। पीएम मोदी ने कहा कि देश में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर जैसी दवाइयों की कमी को पूरा करने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान चला रहा है और उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर्स और वैज्ञानिकों की सराहना की।
7 जून 2021: 18 साल के ऊपर के लोगों के लिए मुफ्त कोरोना टीके का एलान
पीएम मोदी ने इस राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि आज ये फैसला लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25% काम था, उसकी जिम्मेदारी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था दो हफ्ते में लागू की जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नई गाइडलाइन के अनुसार जरूरी तैयारी कर लेगी। उन्होंने कहा कि 21 जून सोमवार से देश के हर राज्य में 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल उत्पादन का 75% हिस्सा खुद खरीदकर राज्य सरकार को मुफ्त देगी। किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन को कुछ भी खर्च नहीं करना होगा।
22 अक्तूबर 2021: कोरोना के खिलाफ टीके की 100 करोड़ डोज लगने पर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत द्वारा 100 करोड़ कोविड-19 वैक्सीन डोज का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इसे ‘नया भारत’ का सामर्थ्य बताया और स्पष्ट किया कि टीकाकरण अभियान में वीआईपी संस्कृति को हावी नहीं होने दिया गया। 100 करोड़ डोज के बावजूद, उन्होंने त्योहारों के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
19 नवंबर 2021: कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान
पीएम मोदी ने गुरु नानक जयंती (प्रकाश पर्व) के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को समझाने में विफल रही, इसलिए कानून वापस लिए जा रहे हैं। पीएम ने किसानों से आंदोलन खत्म कर घर लौटने की अपील की थी। पीएम ने कहा कि किसानों के एक वर्ग को समझाने में सरकार की तपस्या में कमी रह गई, जिसके लिए माफी मांगी। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की गई।
25 दिसंबर 2021: बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू किए जाने का एलान
राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने तीन जनवरी 2022 से 15-18 वर्ष के बच्चों के लिए कोविड टीकाकरण और 10 जनवरी से स्वास्थ्य/फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60+ बुजुर्गों के लिए एहतियाती खुराक शुरू करने का एलान किया।
12 मई 2025: ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत के पलटवार को लेकर 12 मई 2025 को पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम ने इस दौरान भारतीय सेना के अभियान को ऑपरेशन सिंदूर बुलाते हुए कहा कि आज, हर आतंकी, आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों-बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ने हाल के दिनों में भारत की शक्ति और संयम दोनों को देखा है। उन्होंने प्रत्येक भारतीय नागरिक की ओर से देश की अजेय सशस्त्र सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सलाम किया। प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्यों को प्राप्त करने में भारत के बहादुर सैनिकों द्वारा दिखाए गए अटूट साहस, उनकी वीरता, सहनशीलता और अदम्य उत्साह के बारे में बताया। उन्होंने इस अद्वितीय वीरता को राष्ट्र की प्रत्येक मां, बहन और बेटी को समर्पित किया।
21 सितंबर 2025: जीएसटी के सरलीकरण पर देश को दी थी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे देश को संबोधित किया था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि नवरात्र के पहले दिन से ‘नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स’ की शुरुआत होगी और ‘जीएसटी बचत महोत्सव’ की भी शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया था कि इस पहल से आम लोगों की बचत बढ़ेगी और रोजमर्रा की चीजें पहले से ज्यादा सस्ती और आसानी से उपलब्ध होंगी। गौरतलब है कि सरकार ने इस दौरान 12 और 28 फीसदी के दो टैक्स स्लैब्स को खत्म कर दिया था और भारत में उत्पादों के लिए सिर्फ पांच फीसदी, 18 फीसदी और सिन गुड्स के लिए 40 फीसदी का एक अतिरिक्त वर्ग बनाने का एलान किया था।
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